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BPSC Protest: 'कानून का उल्लंघन है तो गिरफ्तार करें कोर्ट में पता चल जाएगा', पीके ने प्रशासन को दी खुली चुनौती

Updated at : 03 Jan 2025 5:59 PM (IST)
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prashant kishor protest news| BPSC Protest: Prashant Kishore gave an open challenge to the administration to arrest him

अभ्यर्थियों के साथ प्रशांत किशोर

BPSC Protest: बीपीएससी 70वीं की पीटी परीक्षा पर विवाद अब घमासान में बदल गया है. जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर गांधी मैदान में अनशन पर बैठे हैं. उन्होंने प्रशासन को खुली चुनौती दी है कि आकर गिरफ्तार करें.

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BPSC Protest: बीपीएससी 70वीं की पीटी परीक्षा पर विवाद अब घमासान में बदल गया है. जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर गांधी मैदान में गांधी प्रतिमा के नीचे बैठकर आमरण अनशन शुरू कर दिए हैं. पटना जिला प्रशासन ने इसे गैर कानूनी घोषित करते हुए कार्रवाई की चेतावनी दे दी है. इससे पहले बिना परमिशन के अनशन करने पर प्रशांत किशोर पर पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज कर लिया है. इस बीच प्रशांत किशोर ने पटना पुलिस और प्रशासन को गिरफ्तार करने की चुनौती दी है. उन्होंने कहा है कि हम चोर डकैत नहीं जो कार्रवाई के नाम पर डर जाएंगे.

बता दें कि पटना के जिला पदाधिकारी ने कहा था कि जहां प्रशांत किशोर धरना पर बैठे हैं वो गलत है. जिला प्रशासन धरना देने के लिए गर्दनी बाग में जगह बनाया है. इसी बात पर प्रशांत किशोर ने अपनी प्रतिक्रिया जाहीर की है.

दस सालों से बिहार के युवाओं के साथ छल किया गया

बता दें कि गांधी मैदान में कड़कड़ाती ठंड में प्रशांत किशोर, उनके समर्थक और BPSC अभ्यर्थी खुले आसमान के नीचे रात भर बैठे रहे. उन्होंने कहा कि अगर पुलिस और प्रशासन को लगता है कि हमारा काम गैर कानूनी है तो उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करना चाहिए. गिरफ्तार करने के लिए नया एफआईआर करने की जरूरत क्या है, पहले से केस दर्ज है. उन्हें उसी केस में पकड़ लेना चाहिए. हमारा अनशन सिर्फ बीपीएससी के मामले में ही नहीं बल्कि व्यापक मुद्दे पर बैठे हैं. दस सालों से बिहार के युवाओं के साथ छल किया गया है.

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पीके ने कहा पहली बार पेपर लीक नहीं हुआ

पीके ने आगे कहा है कि यह पहली बार नहीं है कि प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक हुआ है. हर दूसरी परीक्षा में ऐसा ही होता आ रहा है. पिछले पांच सात सालों से ऐसा चल रहा है. पहली बार कोई नेता नहीं आया है. लेकिन कोर्ट ने कहा कि गांधी मैदान में अनशन पर नहीं बैठना है. जो नोटिस भेजा है उसमें क्या लिखा है. पदाधिकारी कानूनविद नहीं हैं. अगर किसी कानून का उल्लंघन है तो आकर गिरप्तार करें. कोर्ट में पता चल जाएगा कि कानून क्या कहता है.

प्रशांत किशोर ने कहा कि पकड़कर क्या कीजिएगा. थाना में ले जाइएगा. एक दो दिन के बाद छोड़िएगा, फिर बैठ जाएंगे. हमने गलत नहीं किया है तो डर कैसा. उन्होंने कहा कि जबतक सरकार हमारी बात नहीं मानेगी तबतक अनशन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि री एग्जाम लेना पड़ेगा.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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