बिहार के गांवों में नया टैक्स सिस्टम, घर, दुकान, पानी और सफाई पर देना पड़ सकता है शुल्क

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AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

Bihar Village Tax: बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों को जल्द सफाई, पानी और होल्डिंग टैक्स देना पड़ सकता है. पंचायती राज विभाग ने पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया है. कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यह व्यवस्था राज्य के सभी पंचायत क्षेत्रों में लागू हो सकती है.

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Bihar Village Tax: बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों को जल्द नए तरह के टैक्स का सामना करना पड़ सकता है. पंचायती राज विभाग ने ऐसा प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र में रहने वाले लोगों से विभिन्न सेवाओं के बदले कर वसूल सकेंगी. प्रस्ताव को राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है. कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद यह व्यवस्था पूरे बिहार में लागू हो सकती है.

सफाई और पानी के उपयोग पर लगेगा शुल्क

प्रस्ताव के अनुसार गांवों में सफाई व्यवस्था और पेयजल सुविधाओं के उपयोग के लिए शुल्क लिया जाएगा. इसके अलावा नगर निकायों की तर्ज पर पंचायत क्षेत्रों में भी होल्डिंग टैक्स लागू करने की तैयारी है. ग्राम पंचायतें घरों, दुकानों और अन्य भवनों से निर्धारित कर वसूल सकेंगी.

होर्डिंग और बैनर लगाने पर भी देना होगा शुल्क

पंचायत क्षेत्र में सरकारी या निजी भवनों पर होर्डिंग और बैनर लगाने के लिए भी शुल्क देना होगा. इससे पंचायतों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.

पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी

इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है. 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने भी पंचायतों को अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने की सिफारिश की है. आयोग की अनुशंसा के अनुसार पंचायतों को स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

हर घर से टैक्स वसूली का सुझाव

वित्त आयोग की सिफारिश है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर से सालाना औसतन एक हजार रुपये से अधिक कर वसूला जाए. इससे पंचायतों की आय बढ़ेगी और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे. आने वाले वर्षों में वित्त आयोग से मिलने वाली अनुदान राशि में भी कटौती की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में पंचायतों को अपनी आय के नए स्रोत विकसित करने होंगे.

पीएम आवास के लाभुकों को मिलेगी राहत

प्रस्ताव में गरीब परिवारों को राहत देने का भी प्रावधान है. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घरों का सालाना होल्डिंग टैक्स संबंधित विभाग द्वारा वहन किया जाएगा. यानी पीएम आवास के लाभुकों को सीधे यह टैक्स नहीं देना पड़ेगा.

आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर अलग टैक्स

प्रस्ताव के अनुसार आवासीय और व्यावसायिक भवनों के लिए अलग-अलग कर दरें तय की जाएंगी. व्यावसायिक भवनों पर अपेक्षाकृत अधिक टैक्स लगाया जा सकता है. भवन का स्थान, आकार और उपयोग भी कर निर्धारण का आधार बनेगा. मुख्य सड़क पर स्थित भवनों और बाजार क्षेत्र के मकानों पर कर की दर गांव के अंदर स्थित सामान्य आवासों से अलग हो सकती है.

बिहार में पंचायतों का बड़ा नेटवर्क

  • गांवों की संख्या : 45,103
  • पंचायतों की संख्या : 8,053
  • ग्रामीण आबादी : 10 करोड़ से अधिक (अनुमानित)

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पंचायतों की आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी. हालांकि अंतिम फैसला राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही होगा.

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अभिनंदन पांडेय

लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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