Bihar Teachers Attendance : स्कूलों में सख्ती,अब शिक्षकों से मांगे जाएंगे ग्रुप फोटो

Bihar Teachers Online Attendance
Bihar Teachers Attendance : हाजिरी लगाने के बाद गायब होने वाले शिक्षकों पर अब कैमरे की नजर रहेगी, शिक्षा विभाग ने निगरानी का दायरा और कड़ा कर दिया है.
हाइलाइट्स
Bihar Teachers Attendance : बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति पर लगातार आ रही शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. अब विभाग ने आदेश दिया है कि सभी स्कूल शिक्षकों का ग्रुप फोटो भेजेंगे. इसके साथ ही चेतना सत्र, मध्याह्न भोजन, साइंस और ICT लैब जैसी गतिविधियों की तस्वीरें भी नियमित रूप से विभाग को उपलब्ध करानी होंगी.
अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जब भी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर फोटो मांगे, स्कूल उसे तुरंत उपलब्ध कराए.
क्यों शिक्षकों के हाजिरी पर उठे सवाल
शिक्षा विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कई शिक्षक स्कूल में सिर्फ हाजिरी दर्ज कराकर चले जाते हैं. जांच में यह भी पाया गया कि कई बार एक ही बैकग्राउंड में लगातार कई दिनों की हाजिरी दर्ज की गई. यहां तक कि सुबह और शाम की तस्वीरों में कपड़े तक बदले हुए दिखाई दिए. कुछ मामलों में पुरुष शिक्षकों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों की तस्वीरें हाजिरी के रूप में अपलोड की गईं.
निगरानी में सामने आया कि कई शिक्षकों की लोकेशन स्कूल से 400 मीटर से ज्यादा दूरी दिखा रही थी. इससे संदेह पुख्ता हुआ कि शिक्षक मोबाइल कहीं और रखकर फर्जी हाजिरी दर्ज करा रहे हैं. इस वजह से विभाग ने अब ग्रुप फोटो और गतिविधियों की तस्वीरें अनिवार्य कर दी हैं, ताकि स्कूल की वास्तविक स्थिति की पुष्टि हो सके.
ग्रामीणों की शिकायत से मचा हड़कंप
शिक्षकों की लापरवाही की शिकायतें सीधे ग्रामीणों की ओर से भी आ रही हैं. सीवान के रघुनाथपुर स्थित हाइस्कूल सह इंटर कॉलेज, निखती कलां से एक शिकायत ने विभाग को चौंका दिया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यहां कार्यरत शिक्षिका गीतांजलि अक्सर देर से स्कूल आती हैं. कभी 11 बजे तो कभी 12 बजे पहुंचती हैं और दोपहर दो बजे ही घर लौट जाती हैं.
शिकायत में यह भी खुलासा हुआ कि शिक्षिका ने स्कूल से 500 मीटर दूर अपने एक रिश्तेदार के घर मोबाइल फोन रख छोड़ा था. इसी मोबाइल के जरिए लोकेशन सेट करके उपस्थिति दर्ज की जाती थी. इससे यह साबित करने की कोशिश होती थी कि वह स्कूल में मौजूद हैं.
धमकी का मामला भी सामने आया
ग्रामीणों का आरोप है कि जब प्रधानाध्यापक ने इस पर आपत्ति जताई, तो शिक्षिका और उनके रिश्तेदारों ने उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली. शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि बीआरसी और जिला स्तर के अफसर मामले की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहे, क्योंकि शिक्षिका के रिश्तेदार दबंग किस्म के हैं.
अपर मुख्य सचिव ने साफ कहा है कि शिकायतें सही पाई गईं तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. विभाग ने सभी स्कूलों से कहा है कि वे फोटो और रिपोर्ट भेजने में किसी भी तरह की लापरवाही न करें. अगर किसी कॉल पर शक हो तो 14417 या 18003454417 पर सत्यापन भी किया जा सकता है.
विभाग का सख्त रुख
शिक्षा विभाग का मानना है कि जब तक शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार संभव नहीं है. विभाग की सख्ती से जहां लापरवाह शिक्षकों पर अंकुश लगेगा, वहीं मेहनत से काम करने वाले शिक्षकों की साख और मजबूत होगी.
अब देखना यह होगा कि यह नया कदम सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत बदलने में कितना कारगर साबित होता है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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