Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी शिक्षकों से जुड़ा बड़ा अपडेट है. दरअसल, राज्य के सरकारी स्कूलों में इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर के तहत स्कूल आवंटन की कवायद एक जनवरी से कई जिलों में शुरू हो गयी है. इससे पहले 31 दिसंबर तक नालंदा को छोड़ कर सभी जिलों ने पात्र शिक्षकों को प्रखंड आवंटित कर दिये हैं. अब इन शिक्षकों को स्कूल आवंटित गये हैं. साथ ही शिक्षा विभाग ने 10 जनवरी तक स्कूल आवंटन की समय सीमा निर्धारित कर दी है.
ट्रांसफर के लिये आए टोटल 41689 आवेदन
आधिकारिक जानकारी के अनुसार गुरुवार को कैमूर, कटिहार, सुपौल और किशनगंज आदि जिलों ने प्रखंड आवंटन के बाद स्कूल आवंटन की कवायद शुरू कर दी है. यह पूरी कवायद ई-शिक्षा कोष के माध्यम से की जा रही है. ई-शिक्षा कोष के जरिये इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर के लिए 41689 आवेदन आये थे. इसमें 27171 शिक्षकों को जिला आवंटित किये गये थे. इसमें 22928 शिक्षकों ने प्रखंडों के च्वाइस दिये. इसमें से लगभग सभी शिक्षकों को आवंटित किये जा चुके हैं.
पहले क्या थी समय सीमा?
जानकारी के मुताबिक, पहले स्कूल आवंटन की समय सीमा 23 से 31 दिसंबर तक तय थी, लेकिन इस समयावधि में वह स्कूल आवंटित नहीं कर सके. ऐसी स्थिति में स्कूल आवंटन में देरी हुई. लेकिन एक जनवरी से स्कूल आवंटन की कवायद शुरू हो चुकी है. ऐसे में जल्द ही बिहार के सरकारी शिक्षकों को उनका स्कूल मिल जायेगा. 10 जनवरी तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लेने का लक्ष्य तय किया गया है.
शिक्षा में इस बार होंगे ज्यादा पैसे खर्च
जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार इस साल 2026-27 के बजट में शिक्षा पर अधिक पैसे खर्च करेगी. शिक्षा विभाग को दो अलग-अलग महकमों में बांटा गया है. इसलिए बजट का आकार भी अलग और चालू वित्तीय वर्ष से अधिक होगा. पिछले 20 सालों में बिहार में शिक्षा पर 16-17 गुना व्यय बढ़ा है. 2005 में शिक्षा पर 4341 करोड़ रुपये का व्यय हुआ करता था. 2025 में यह व्यय बढ़कर 72652.44 करोड़ रुपये हो गया है. अगर 20 सालों में हुए व्यय को देखा जाए तो इसमें सालाना 3632.6 करोड़ की बढ़ोतरी हो रही है.
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