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Bihar Teacher: एग्जाम पास कीजिए या नौकरी छोड़ दीजिए, सुप्रीम कोर्ट में सक्षमता परीक्षा रद्द करने की मांग खारिज

Updated at : 28 Jun 2024 7:37 AM (IST)
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shambhu border opening hearing news

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Bihar Teacher: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के प्रारंभित शिक्षक संघों की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने सक्षमता परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी. इससे पहले पटना हाईकोर्ट से भी इस मामले में नियोजित शिक्षकों को झटका लगा था. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि सरकार के नियमों के मुताबिक, उन्हें सक्षमता परीक्षा देनी ही होगी, अगर परीक्षा नहीं दे सकते तो उन्हें नौकरी छोड़ देनी चाहिए.

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Bihar Teacher: पटना. राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का अहम योगदान होता है. ऐसे में शिक्षकों को अपना कौशल अपग्रेड करना चाहिए और ऐसा नहीं करने वाले नौकरी छोड़ सकते हैं. बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए राज्य सरकार ने योग्यता परीक्षा पास करने का नियम बनाया है. योग्यता परीक्षा के खिलाफ स्थानीय शिक्षकों की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की.

शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करना सही फैसला

न्यायाधीश बीवी नागरत्ना और न्यायाधीश उज्जवल भुइंया की अवकाशकालीन पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अगर बिहार सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करना चाहती है और आप उसका विरोध करते हैं तो नौकरी करने के योग्य नहीं है. पीठ ने कहा कि शिक्षा प्रदान करना एक सम्मानजनक काम है. लेकिन शिक्षक सिर्फ वेतन और पदोन्नति को लेकर चिंतित हैं. लाखों लोगों के पास रोजगार नहीं है और आप अपने कौशल को अपग्रेड नहीं करना चाहते हैं. राज्य सरकार के नियम का पालन करना होगा, नहीं तो नौकरी छोड़ सकते हैं. अदालत ने कहा कि देश के ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों की शिक्षा का स्तर देखिए. पोस्ट ग्रेजुएट को सही से लेटर लिखना नहीं आता है. अगर राज्य शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने का काम कर रहा है तो आप अदालत पहुंच जाते हैं. देश का हर छात्र निजी स्कूल में नहीं पढ़ सकता है.

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अनिवार्य नहीं है परीक्षा

नियोजित शिक्षकों के वकील की ओर से कहा गया कि बिहार पंचायत शिक्षक नियम 2012 के तहत जब नियोजित शिक्षकों को नियमित किया गया तो क्षमता परीक्षा लिया गया था. बिहार सरकार ने अदालत में कहा कि शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा अनिवार्य नहीं है. परीक्षा नहीं देने वाले नियोजित शिक्षकों को नौकरी से नहीं निकाला जायेगा. लेकिन इस परीक्षा को पास करने वाले शिक्षक राज्य शिक्षक के समान हो जायेंगे और उन्हें पूरी सुविधा मिलेगी.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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