बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजनाः 14 वर्ष में करीब दो करोड़ छात्राओं को मिला लाभ

Updated at : 07 Apr 2025 12:18 AM (IST)
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बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजनाः 14 वर्ष में करीब दो करोड़ छात्राओं को मिला लाभ

शिक्षा के प्रति छात्राओं को प्रोत्साहित करने के मकसद से राज्य में बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना की शुरुआत 2011 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी. इसके तहत पिछले 14 वर्षों में 1 करोड़ 94 लाख 55 हजार 264 छात्राओं के बीच 24 अरब 12 करोड़ 47 लाख 10 हजार रुपये का वितरण किया गया है.

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:: 14 वर्षों में 24 अरब 12 करोड़ 47 लाख 10 हजार रुपये का हुआ वितरण

::2018-19 में राशि को बढ़ाकर 1000 रुपये से बढ़कर 1500 रुपये मिलने लगी राशि

:: इसमें अब तक कुल 1 करोड़ 94 लाख 55 हजार 264 छात्राओं को मिला लाभ

:: छात्राओं का सरकारी स्कूलों में बढ़ा नामांकन, 33 फीसदी से बढ़कर पहुंचा 97 फीसदी तक

संवाददाता,पटना

शिक्षा के प्रति छात्राओं को प्रोत्साहित करने के मकसद से राज्य में बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना की शुरुआत 2011 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी. इसके तहत पिछले 14 वर्षों में 1 करोड़ 94 लाख 55 हजार 264 छात्राओं के बीच 24 अरब 12 करोड़ 47 लाख 10 हजार रुपये का वितरण किया गया है. इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी शिक्षा को सुगम बनाना है. इससे सरकारी स्कूलों में छात्राओं के नामांकन और उपस्थिति के प्रतिशत में साढ़े तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गयी. 2011 में छात्राओं की उपस्थिति या नामांकन का अनुपात 33 फीसदी के आसपास हुआ करता था, जो अभी बढ़कर 97 फीसदी से अधिक हो गया है. मुख्यमंत्री के इस फ्लैगशिप योजना का असर आज सरकारी स्कूलों में साफतौर पर देखने को मिल रहा है.

योजना की शुरुआत और विकास

नौवीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए इस योजना की शुरुआत सत्र 2011-12 में की गयी थी. प्रारंभ में नौवीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं को हजार रुपये प्रतिवर्ष की राशि दी जाती थी. 2018-19 में यह राशि बढ़ाकर 15सौ रुपये कर दी गयी. यह राशि डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर के तहत भेजी जाती है.

योजना के लाभ

इस योजना के तहत छात्राओं को पोशाक के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. इससे बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी उपस्थिति स्कूलों में बढ़ाने में मदद मिली है. यह योजना लड़कियों की शिक्षा को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए मील का पत्थर साबित हुई है.

योजना का प्रभाव और आंकड़े

इस योजना के प्रथम वर्ष 2011-12 में कुल एक अरब 40 करोड़ 17 लाख 54 हजार रुपये वितरित किये गये थे. अब तक 14 वर्षों में कुल दो अरब 41 करोड़ 24 लाख 71 हजार रुपये का वितरण हो चुका है.

एक करोड़ से अधिक छात्राओं ने उठाया लाभ

इस योजना के तहत अब तक कुल एक करोड़ 94 लाख 55 हजार 264 बालिकाएं लाभ उठा चुकी हैं. मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है. बड़ी बात यह कि इस योजना के कारण लड़कियों की शिक्षा में अभूतपूर्व सुधार देखा गया है और उनकी स्कूलों में उपस्थिति दर में लगातार वृद्धि हुई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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