ePaper

पवन सिंह, चिराग या कुशवाहा? NDA में किसकी बनेगी बात, फंसा सियासी गणित

Updated at : 20 Feb 2026 2:43 PM (IST)
विज्ञापन
Rajya Sabha Election 2025 Bihar

चिराग पासवान, पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में 2026 के राज्यसभा चुनाव के लिए सियासी जंग तेज हो गई है. 5 सीटों में से 4 पर NDA का पलड़ा भारी है, लेकिन पांचवीं सीट के लिए 3 वोटों का गणित किसी बड़े उलटफेर का संकेत दे रहा है. बीजेपी और जेडीयू के बीच उम्मीदवारों के चयन को लेकर मचे घमासान ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.

विज्ञापन

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने वाला है. जो सीटें खाली हो रही हैं, उनमें दो सीटें राजद, दो जेडीयू और एक रालोमो की हैं. संख्या के हिसाब से देखें तो NDA चार सीटें आसानी से जीत सकता है. लेकिन असली सस्पेंस पांचवीं सीट को लेकर बना हुआ है. गणित कहता है कि पांचवीं सीट जीतने के लिए 41 वोट चाहिए. NDA के पास चार सीटें निकालने के बाद करीब 38 वोट बचते हैं. यानी जीत के लिए तीन वोट और चाहिए. यह तीन वोट बिना क्रॉस वोटिंग के मिलना मुश्किल माना जा रहा है. यही वजह है कि पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प बन गया है.

ओवैसी और बीएसपी की क्या भूमिका

अगर विपक्ष पूरी तरह एकजुट हो जाए तो उनके पास भी जीत का आंकड़ा बन सकता है. विपक्ष के पास ओवैसी की पार्टी के 5 वोट और बसपा का 1 वोट है. ऐसे में विपक्ष भी मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इस सीट पर उम्मीदवार उतारना चाहेगा और संभव है कि कोई प्रभावशाली चेहरा सामने आए.

जेडीयू से नाम लगभग तय

जेडीयू की बात करें तो रामनाथ ठाकुर का नाम लगभग तय माना जा रहा है. वे अति पिछड़ा समाज का बड़ा चेहरा हैं और जननायक कर्पूरी ठाकुर से उनका जुड़ाव जेडीयू के लिए अहम है. वहीं हरिवंश पहले से राज्यसभा में बड़े पद पर हैं. अगर पार्टी उन्हें दोबारा नहीं भेजती है तो यह सहयोगी दलों के लिए संदेश गलत जा सकता है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

बीजेपी में स्थिति उलझी हुई

बीजेपी के सामने स्थिति थोड़ी उलझी हुई है. पार्टी ने पहले से कुछ बड़े नामों को लेकर संकेत दिए हैं. पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा को लेकर चर्चा है. अगर एक सीट पवन सिंह को दी जाती है तो बाकी उपेंद्र कुशवाहा को कैसे साधा जाएगा? चिराग पासवान की माता के नाम की भी चर्चा चलती रही है, लेकिन यह आसान नहीं दिखता. उधर कुशवाहा की पार्टी में हालिया विवाद ने उनकी स्थिति कमजोर की है.

बीजेपी के अंदर भी कई दावेदार हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का नाम चर्चा में है, लेकिन जातीय संतुलन भी एक बड़ा फैक्टर है. पार्टी सवर्ण और पिछड़ा समीकरण को साधते हुए फैसला कर सकती है. कुल मिलाकर बिहार की पांचवीं राज्यसभा सीट इस बार सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है. आने वाले दिनों में टिकट बंटवारे के साथ तस्वीर और साफ होगी.

इसे भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और समस्तीपुर के लिए बड़ी सौगात, अब नियमित चलेगी अमृत भारत एक्सप्रेस

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन