Bihar Politics: 'लालू राज में मामा आयोग क्यों नहीं बनाया?', तेजस्वी के जमाई आयोग की मांग पर जदयू का पलटवार
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 16 Jun 2025 4:12 PM
RJD Chief Lalu Yadav
Bihar Politics: बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा था कि एनडीए में शामिल दल के नेता अपने दामाद को सेट करने में लगे हैं. उनके बयान पर सत्ता पक्ष के नेता निशाना साध रहे हैं और लालू यादव के कार्यकाल पर सवाल उठा रहे हैं.
Bihar Politics: बिहार में आयोग के गठन में नेताओं के करीबी लोगों को शामिल किए जाने पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमाई आयोग बनाने की मांग की. इस पर बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि तेजस्वी यादव को अपने पिता का कार्यकाल देखना चाहिए और पूछना चाहिए कि उस दौरान मामा आयोग क्यों नहीं बनाया गया था? बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा कि तेजस्वी यादव ने जिन तीन व्यक्तियों पर सवाल उठाए हैं, तीनों दलित परिवारों से आते हैं. यह दिखाता है कि राजद के लोगों में कितना दलित प्रेम बसा हुआ है.
पार्टी के मुखिया अपने लोगों को महत्त्व देते हैं
अशोक चौधरी ने कहा कि तेजस्वी यादव रामविलास पासवान के दामाद पर सवाल खड़े कर रहे हैं, तेजस्वी यादव को पता होना चाहिए कि वह उस समय से राजनीति में हैं, जब वे हाफ पैंट में घूमा करते थे. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी पार्टी को महत्व दिया है. पार्टी का मुखिया अपने लोगों को महत्व देता ही है. इसमें नया क्या है? तेजस्वी यादव को पता होना चाहिए कि कैसे लालू प्रसाद यादव अपने लोगों को महत्व देते थे.
बीजेपी कोटे से जिम्मेदारी मिली है
अशोक चौधरी ने कहा कि मेरे दामाद पर सवाल करने से पहले तेजस्वी यादव को यह पता होना चाहिए कि वो तो दो साल से मेरे दामाद हैं और उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसके लिए मैंने नीतीश कुमार से सिफारिश नहीं की है और न ही जदयू कोटे से उन्हें कुछ मिला है. अगर उन्हें कोई जिम्मेदारी मिली है तो वह भाजपा कोटे से मिली है.
लालू यादव पर साधा निशाना
अशोक चौधरी ने यह भी कहा कि लालू यादव के कार्यकाल में क्या दौर था? उस वक्त ‘मामा आयोग’ क्यों नहीं बनाया गया? नीतीश कुमार पर आरोप लगाने के लिए जब कोई मुद्दा नहीं मिलता है तो कुछ न कुछ बहाना ढूंढते हैं. अगर बहस करनी है तो उन्हें विकास के मुद्दे पर बहस करना चाहिए. लालू यादव के कार्यकाल में 2.3 प्रतिशत विकास दर थी. अपराधियों को संरक्षण प्राप्त था. यहां तक कि जंगलराज की बात हाईकोर्ट ने कही थी, किसी राजनीतिक दल ने नहीं.
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जाति जनगणना पर पीएम को किया धन्यवाद
मंत्री अशोक चौधरी ने जनगणना के लिए औपचारिक अधिसूचना पर कहा कि यह अच्छी बात है. नीतीश कुमार और अन्य नेताओं ने लंबा संघर्ष किया है. करीब 15-20 साल पहले नीतीश कुमार ने संसद में जाति जनगणना की वकालत की थी. हम डॉ. अंबेडकर के सच्चे सपनों को भारत में साकार करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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