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Bihar Politics: जीतन राम मांझी ने किसे बताया 'गब्बर सिंह' ? तेजस्वी यादव के 'दामाद' वाले मुद्दे पर किया बड़ा खुलासा

Updated at : 24 Jun 2025 1:16 PM (IST)
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Bihar Politics Whom did Jitan Ram Manjhi call 'Gabbar Singh'?

मांझी-तेजस्वी की सांकेतिक तस्वीर

Bihar Politics: हम पार्टी के संरक्षक व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी इन दिनों एक्शन मोड में हैं. इस बीच उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया, जिसकी खूब चर्चा हो रही है. इस पोस्ट में मांझी ने 'गब्बर सिंह' का जिक्र किया और इशारे-इशारे में तेजस्वी यादव पर निशाना भी साधा.

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Bihar Politics: बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. कई तरह की बयानबाजी का दौर देखा जा रहा है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी वॉर हो रही है. इस बीच हम पार्टी के संरक्षक व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एक्शन मोड में दिख रहे हैं. लगातार कई मुद्दों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और विपक्ष पर कटाक्ष करने से भी नहीं चूंक रहे. इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स के जरिये एक पोस्ट शेयर किया. इस पोस्ट में उन्होंने ‘गब्बर सिंह’ का जिक्र किया. इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर इशारे-इशारे में ही जमकर कटाक्ष करते हुए बड़ा खुलासा कर दिया.

‘जो घर-परिवार का नहीं, वो किसी का नहीं’

दरअसल, जीतन राम मांझी ने ‘दामाद’ के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने खुलासा किया कि, आखिर क्यों तेजस्वी ने ‘दामाद’ का मुद्दा उठाया. पोस्ट के जरिये इशारे में ही यह कह दिया कि, उन्होंने अपने भाई (तेज प्रताप) को पहले ही घर से बाहर निकाल दिया है. अब वे बहन और बहनोई को बाहर करने के लिए ‘दामाद’ का मुद्दा उठा रहे हैं. जीतन राम मांझी का यह भी कहना हुआ कि, ‘जो घर-परिवार का नहीं, वो किसी का नहीं हो सकता है.’ इस तरह से जीतन राम मांझी के पोस्ट से सियासी हलचल मच गई है.

पोस्ट के जरिये कही बड़ी बात

आज सुबह जीतन राम मांझी की ओर से किए गए पोस्ट पर विस्तार रूप से बात की जाए तो, उन्होंने लिखा कि, “भाई को तो पहले ही घर से बाहर निकाल दिया है अब बहन और बहनोई को बाहर करने के लिए “दामाद” का मुद्दा उठाया जा रहा है ताकि भविष्य में “गब्बर सिंह” यदि बेटी-दामाद को कहीं सेट करने की बात कहें, तो यह कहकर मना कर दिया जाए कि हमने तो खुद ही “दामाद” का मुद्दा उठाकर सरकार को घेरा था इसलिए बेटी/दामाद को किसी भी कीमत पर एडजस्ट नहीं किया जाएगा.” आगे उन्होंने सीधा-सीधा यह लिखा कि, “जो घर-परिवार का नहीं वह किसी का नहीं.”

दामाद आयोग के गठन का आरोप

इस तरह से देखा जा सकता है कि, जीतन राम मांझी लगातार अपनी प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर दे रहे हैं. वहीं, पिछले कुछ दिनों की बात की जाए तो, विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने कई बोर्ड और आयोगों का पुनर्गठन किया. जिसमें यह देखा गया कि, अनुसूचित आयोग का अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के जीजा मृणाल पासवान को बनाया गया था. इसके साथ ही इस आयोग के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के दामाद देवेंद्र कुमार को सौंपी गई. इसी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से दामाद आयोग के गठन की बात कही गई थी. जिसे लेकर अब तक वार-पलटवार का सिलसिला जारी है.

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Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

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