Bihar News: तमिलनाडु के महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण के लिए चला दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग आज बिहार में प्रवेश कर गया. बिहार के गोपालगंज जिले में शिवलिंग के पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया और हर-हर महादेव के नारे लगाए. जिला प्रशासन के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों ने भी शिवलिंग की पूजा-अर्चना की और फूल-चंदन लगाकर स्वागत किया.
विशेष डिजाइन वाले ट्रक पर किया गया लोड
210 मीट्रिक टन वजन होने के कारण शिवलिंग को ले जाने के लिए विशेष डिजाइन वाला 96 चक्का ट्रक पर लोड किया गया है. गोपालगंज की यात्रा करीब 48 से 50 घंटे में पूरी कर पूर्वी चंपारण में शिवलिंग प्रवेश करेगा. गोपालगंज में जगह-जगह लोग शिवलिंग का स्वागत और पूजा अर्चना के लिए खड़े रहे.
क्या है शिवलिंग की खासियत
इस शिवलिंग की खासियत यह बताई गई कि इसे महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है. शिवलिंग एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से बना है, जो इसे भारतीय शिल्पकला का अद्भुत नमूना बनाता है. शिवलिंग में पारंपरिक दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की झलक स्पष्ट दिखाई दे रही है. शिवलिंग का निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण ने बताया था कि इस पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.
कब तक होगा मंदिर में स्थापित?
दरअसल, बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष और महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े किशोर कुणाल ने विराट रामायण मंदिर का निर्माण कराने के लिए शिलान्यास किया था. आकार में यह मंदिर 1080 फुट लंबा और 540 फुट चौड़ा होगा. 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग कार्य पूरा किया जा चुका है. संभावना जताई जा रही है कि नए साल में फरवरी तक यह शिवलिंग विराट रामायण मंदिर में स्थापित हो जायेगा.

