ePaper

Bihar News: बिहार की अक्षय ऊर्जा नीति तैयार, जनता को मिलेगा ये लाभ

Updated at : 09 Dec 2024 8:54 AM (IST)
विज्ञापन
solar

solar

Bihar News: नई नीति राज्य में अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बनाई गई है. इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य में गैर-परंपरागत ऊर्जा को बढ़ावा देना है. इन पहलों से अक्षय ऊर्जा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है. निवेश को प्रोत्साहित करके और प्रोत्साहन प्रदान करके, बिहार का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाना है.

विज्ञापन

Bihar News: पटना. गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने अपनी अक्षय ऊर्जा नीति को अंतिम रूप दे दिया है. यह नीति निवेशकों को प्रोत्साहन प्रदान करती है और नीतीश कैबिनेट से मंजूरी का इंतजार कर रही है. बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद अक्षय ऊर्जा नीति क्रियान्वयन के लिए तैयार है. मंजूरी मिलने के बाद, इसे अधिसूचित किया जाएगा और यह पांच साल तक प्रभावी रहेगी. बिहार में 2017 में पहली बार अक्षय ऊर्जा नीति तैयार की थी, जिसकी समयसीमा 2022 में समाप्त हो गई है. नई नीति का उद्देश्य कई लाभ प्रदान करके अधिक निवेशकों को आकर्षित करना है.

बिहार अभी लक्ष्य से काफी दूर

योजना को अंतिम रूप देने से पहले BREDA ने कई सरकारी विभागों से परामर्श किया. पिछली नीति का लक्ष्य पांच वर्षों में 2969 मेगावाट सौर ऊर्जा, 244 मेगावाट जैव ईंधन और 220 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन करना था. इसमें सौर क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को आकर्षित करने का भी प्रयास किया गया था. हालांकि, ये लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हो पाया. सरकार मानती है कि बिहार में अभी भी गैर-परंपरागत ऊर्जा के क्षेत्र में काफी काम किया जाना बाकी है.
बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्वों को पूरा करने के लिए, कुल बिजली उत्पादन का 17% नवीकरणीय स्रोतों से आना चाहिए. इसका पालन न करने पर बिहार विद्युत विनियामक आयोग को भारी जुर्माना देना होगा.

निवेशकों को लुभाने का हर संभव प्रयास

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नयी ऊर्जा नीति के तहत निवेशकों को उद्योग विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी छूटें मिलेंगी. इसके अतिरिक्त, सौर परियोजनाओं को स्टाम्प ड्यूटी प्रतिपूर्ति और पंजीकरण शुल्क मुआवजे का लाभ मिलेगा. इस नीति के तहत विदेशी निवेशकों को विशेष रियायतें दी जाती हैं. राज्य के अंदर की परियोजनाओं को क्रॉस-सब्सिडी सरचार्ज छूट का लाभ मिलेगा. 33 किलोवाट या उससे कम क्षमता वाली इकाइयों को ट्रांसमिशन वितरण हानि से छूट मिलेगी. सरकार सबस्टेशनों से एक निश्चित दूरी तक बिजली पहुंचाने की लागत वहन करेगी. इन उपायों का उद्देश्य बिहार को अक्षय ऊर्जा निवेश के लिए आकर्षक बनाना है.

Also Read: Bihar News: लालू यादव पर संजय झा का बड़ा हमला, बोले- नीतीश कुमार को अफगानिस्तान जैसा मिला बिहार

विज्ञापन
Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन