Bihar News: पटना एम्स की नई पहल, इन रोगों से पीड़ित बच्चों व बुजुर्गों को तलाशेगा यह अस्पताल
Published by : Rani Thakur Updated At : 12 Nov 2025 12:05 PM
सांकेतिक तस्वीर
Bihar News: पटना एम्स अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित बच्चों व बुजुर्गों की तलाश करेगा. इसके लिए जिले के वैसे गांव की पहचान की जा रही है, जहां के मरीज ओपीडी में अधिक आ रहे हैं और उसी गांव को गोद लेकर बीमारियों पर अध्ययन भी शुरू किया जाएगा.
Bihar News: पटना समेत राज्य के कई जिलों में अनुवांशिक व घातक बीमारियों का प्रकोप देखने को मिल रहा है. इन बीमारियों की चपेट में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक रहते हैं. मुख्य रूप से कैंसर, टीबी, दिल में छेद व कम उम्र में आंखों की रोशनी जाने, महिलाओं में होने वाली बीमारी, चर्म रोग सहित अन्य बीमारियों के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं.
गांव को गोद लेकर अध्ययन
इस कड़ी में महिलाओं में त्वचा रोग के साथ सर्विक्स कैंसर के मरीजों की संख्या ज्यादा है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अब इन जानलेवा बीमारियों की वजह तलाशेगा. इसके तहत जिले के वैसे गांव की पहचान की जा रही है, जहां के मरीज ओपीडी में अधिक आ रहे हैं और उसी गांव को गोद लेकर बीमारियों पर अध्ययन भी शुरू किया जायेगा. इसकी तैयारी संस्थान की तरफ से शुरू कर दी गई है.
गांवों में पहुंच कर लेंगे रोगों की जानकारी
संस्थान के अधिकारियों के मुताबिक कम्युनिटी मेडिसिन, चाइल्ड, कैंसर, स्किन सहित 14 विभागों के डॉक्टर्स चयनित गांवों में पहुंचकर बीमारियों की जानकारी लेंगे. वहीं अगर मरीज गंभीर मिलता है, तो उनको इलाज के लिए एम्स भी भेजा जायेगा.
खान-पान का भी लगाया जाएगा पता
एम्स की टीम स्वास्थ्य केंद्रों और गांवों में जाकर लोगों के बीच पता करेगी कि वहां लोगों को किस तरह की बीमारियां हो रही हैं और क्यों हो रही हैं? यदि किसी को कोई बीमारी है, तो टीम जानने का प्रयास करेगी कि यह बीमारी परिवार में किसी और को तो नहीं है. अगर परिवार के अन्य सदस्यों को भी है, तो उनके खानपान, रहन-सहन के बारे में पता लगाया जाएगा.
बीमारियों पर होगा रिसर्च
इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि अगर स्वच्छता के अभाव में कोई बीमारी पूरे परिवार या कम्युनिटी में फैल रही है, तो उन्हें उसकी जानकारी दी जायेगी. इस बीच, जो बीमारियां मुख्य रूप से सामने आयेंगी, उन पर रिसर्च भी किया जायेगा.
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चलाए जाएंगे ओपीडी
इस योजना पर काम कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि गोद लेने वाले गांवों में हर दिन अलग-अलग विभागों के ओपीडी चलाए जाएंगे. बीमारियों का पता लगाया जायेगा कि आखिर गांव में कौन सी बीमारी सबसे अधिक फैल रही है. इसका अध्ययन भी शुरू किया जायेगा. शुरुआती तौर पर स्किन डिजीज, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बच्चों की बीमारी, बुजुर्गों में होने वाली बीमारी की जानकारी से शुरुआत की जाएगी.
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By Rani Thakur
बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.
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