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Bihar News: गंडक नदी पर बनेगा नया पुल, छह सौ करोड़ की लागत से बदल जाएगी उत्तर बिहार की तस्वीर

Updated at : 03 Sep 2025 10:53 AM (IST)
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A new bridge will be built on the Gandak river

A new bridge will be built on the Gandak river

Bihar News: मुजफ्फरपुर के फतेहाबाद और सरैया प्रखंड के चंचलिया के बीच गंडक नदी पर नया पुल बनने जा रहा है. यह सिर्फ दो इलाकों को जोड़ने वाला पुल नहीं होगा, बल्कि पूरे उत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बदल देगा.

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Bihar News: राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर में गंडक नदी पर बनने वाले 3 लेन के नए पुल को मंजूरी दे दी है. इस पुल का निर्माण 589 करोड़ 4 लाख 78 हजार रुपये की लागत से किया जाएगा. लगभग 2280 मीटर लंबा और 15.55 मीटर चौड़ा यह पुल उत्तर बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा.

इसके साथ ही 2200 मीटर लंबा पहुंच पथ भी बनाया जाएगा, जिससे यात्रा का अनुभव और सुगम हो जाएगा. यह परियोजना न सिर्फ लोगों की दूरी कम करेगी बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगी.

15 साल पुरानी मांग पूरी, दूरी घटेगी 39 किलोमीटर

स्थानीय लोगों और नेताओं की लंबे समय से यह मांग थी कि फतेहाबाद और चंचलिया के बीच एक नया पुल बनाया जाए. विधायक जनक सिंह ने इसे 15 साल पुरानी मांग की पूर्ति बताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया.फिलहाल लोगों को फतेहाबाद से सारण जिले के तरैया जाने के लिए रेवा घाट पुल का रास्ता लेना पड़ता है. यह दूरी लगभग 49 किलोमीटर लंबी और थकाने वाली है. लेकिन नए पुल के बनने के बाद यही सफर घटकर सिर्फ 10 किलोमीटर रह जाएगा.

इससे उन ग्रामीण इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें रोजाना काम, इलाज या पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है. मानसून में नदी पार करने की दिक्कतें भी खत्म हो जाएंगी और वाहनों की आवाजाही सुगम और सुरक्षित होगी.

अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार, किसानों-व्यापारियों में खुशी

यह पुल सिर्फ आवाजाही का साधन नहीं होगा, बल्कि उत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था का नया आधार बनेगा. मुजफ्फरपुर के पारू और सरैया प्रखंड सीधे सारण के तरैया से जुड़ जाएंगे. इसके बाद सिवान और सारण तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा.

किसानों को अपनी फसलें बाजार तक जल्दी और कम खर्च में पहुंचाने का मौका मिलेगा. व्यापारियों के लिए माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी. स्थानीय उद्योग और छोटे कारोबारी ज्यादा मजबूत होंगे. लगभग 5 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.
निर्माण कार्य के दौरान सैकड़ों लोगों को अस्थायी रोजगार भी मिलेगा. इसके बाद जब पुल तैयार होगा तो पर्यटन और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे. गंडक नदी के किनारे बसे इलाके लंबे समय से विकास की राह देख रहे थे. यह पुल उन्हें न सिर्फ यातायात की सुविधा देगा बल्कि रोजगार, व्यापार और शिक्षा के नए द्वार भी खोलेगा.

विकास की राह पर उत्तर बिहार

यह पुल सिर्फ कंक्रीट और स्टील की संरचना नहीं, बल्कि उत्तर बिहार के भविष्य की नींव है. सरकार का दावा है कि इस परियोजना से ग्रामीण और शहरी इलाकों का संतुलित विकास होगा. परिवहन की सुविधा बढ़ने से लोगों का आपसी संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्रीय असमानताएं भी कम होंगी.
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पुल से न सिर्फ उनकी जीवनशैली बदलेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी बेहतर अवसर मिलेंगे.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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