बिहार के 12 लाख परिवारों को मिलेगा सपनों का घर, जानिए किस योजना से बदलेगी जिंदगी

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 22 Jan 2026 7:05 PM

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AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना ने ग्रामीण बिहार में लाखों गरीब परिवारों की जिंदगी बदल दी है. राज्य के 40 लाख परिवारों को सपनों का घर मिला है. वहीं राज्य सरकार ने और 12 लाख परिवारों को पक्के घर देने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

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PM Awas Yojana: बिहार के गांवों में रहने वाले गरीब और बेघर परिवारों के लिए पीएम आवास योजना किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है. पिछले दस साल में राज्य के 40 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों का पक्का घर का सपना पूरा हुआ है. वहीं राज्य सरकार ने 12 लाख परिवारों को घर देने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

कितने परिवारों को मिला पक्का मकान?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 के बीच सबसे ज्यादा 36 लाख 61 हजार गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले. वहीं 2021-22 से 2025-26 के बीच 2 लाख 88 हजार 743 परिवारों को घर दिया गया. कुल मिलाकर 2016-17 से अब तक 39 लाख 49 हजार 743 परिवार पक्का मकान बनाकर उसमें रह रहे हैं. इन मकानों के निर्माण पर सरकार ने करीब 53 हजार 952 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.

12 लाख से ज्यादा लोगों ने किया आवेदन

पीएम आवास योजना-ग्रामीण के पहले चरण में 2016-17 से 2021-22 के बीच 37 लाख से ज्यादा लोगों को घर बनाने की मंजूरी मिली थी. इनमें से करीब 36 लाख 61 हजार परिवारों ने अपना घर पूरा कर लिया. दूसरे चरण में 2024-25 से 2025-26 के बीच 12 लाख से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया, जिसमें 12 लाख 8 हजार से अधिक लोगों को घर बनाने की स्वीकृति दी गई. इस चरण में अब तक करीब 2 लाख 88 हजार परिवारों का घर बन चुका है.

ग्रामीण इलाकों में कितना मिलता है पीएम आवास का पैसा?

ग्रामीण इलाकों में घर बनाने के लिए सरकार 1 लाख 20 हजार रुपये की मदद देती है. यह पैसा तीन किस्तों में दिया जाता है. इसके साथ ही मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी के रूप में करीब 22 हजार 950 रुपये और शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये भी मिलते हैं. इस तरह एक लाभुक को कुल करीब 1 लाख 54 हजार 950 रुपये की सहायता मिलती है.

ग्रामीण विकास मंत्री का क्या है कहना?

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि पीएम आवास योजना से गरीबों की जिंदगी तेजी से बदल रही है. लोगों को पक्का मकान मिलने से उनका जीवन सुरक्षित हुआ है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आने वाले समय में बचे हुए करीब 12 लाख बेघर परिवारों को भी पक्का घर देने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए गांवों में बेघर परिवारों का सर्वे भी कराया जा रहा है.

-अजीत कुमार की रिपोर्ट

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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