Bihar Loan Fraud: मुजफ्फरपुर में हड़कंप, लोन नहीं लिया फिर भी 50 से ज्यादा लोगों को थमा दिया बैंक नोटिस

Bihar Loan Fraud
Bihar Loan Fraud: बिना लोन लिए अचानक लाखों का नोटिस घर पहुंच जाए, तो कोई भी घबरा जाएगा. मुजफ्फरपुर में ग्रामीणों के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है.
Bihar Loan Fraud: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में लोन फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है. ग्रामीण बैंक की गोबरसही शाखा से मड़वन प्रखंड के कोदरिया और बसंत खरौना गांव के 70 से ज्यादा लोगों को तीन-तीन लाख रुपये तक चुकाने का नोटिस भेजा गया है.
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कोई लोन नहीं लिया, फिर भी बैंक अब उनसे डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की वसूली कर रहा है.
शादी नहीं हुई, फिर भी “पत्नी” के नाम पर उठा लोन
गांव के कई लोगों का कहना है कि उनके नाम और परिवार की फर्जी एंट्री कर बैंक से पैसे उठाए गए हैं. बसंत खरौना के भगवानलाल सहनी ने बताया कि उनकी अभी शादी ही नहीं हुई, फिर भी उनकी “पत्नी” इनर देवी के नाम पर लोन उठाया गया और तीन लाख रुपये का नोटिस भेज दिया गया.
ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से यह गड़बड़ी हुई है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए.
20 अगस्त तक चुकाने का अल्टीमेटम, ग्रामीण पहुंचे थाने
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि 20 अगस्त तक यदि बकाया राशि नहीं चुकाई गई, तो कानूनी कार्रवाई होगी. इससे गांव के लोग भड़क गए और संगठित होकर करजा थाने में शिकायत दर्ज कराई. ग्रामीणों ने कहा कि बैंक में कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही थी.
बैंक का पक्ष: “ग्रुप लोन में बाई डिफॉल्ट भेजा गया नोटिस”
इस मामले में बैंक के सहायक शाखा प्रबंधक ऑपरेशन हेड अमित कुमार ने सफाई दी. उनका कहना है कि यह ग्रुप लोन का मामला है.
ग्रुप में किसी एक व्यक्ति ने राशि ली होगी, इसलिए बाई डिफॉल्ट सभी के नाम पर नोटिस चला गया. जिन्होंने लोन नहीं लिया, उन्हें लोन लेने वाले व्यक्ति से रुपये बैंक को दिलवाने होंगे.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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