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Bihar Land Survey: वंशावली को लेकर नहीं हों परेशान, यहां पढ़ें लेटेस्ट अपडेट

Updated at : 06 Sep 2024 10:03 PM (IST)
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Bihar Land Survey बिहार के बक्सर में भूमि सर्वे का काम चल रहा है. इसको लेकर ग्रामीणों में कई प्रकार की समस्या आ रही है. गांव के लोगों की समस्या सुनने के बाद विशेष सर्वेक्षण सदर अंचल प्रभारी सीमा कुमारी ने कहा है कि वंशावली को स्वयं ही फॉर्म 3 (1) में स्वघोषणा के माध्यम से भरना होगा.

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Bihar Land Survey बिहार के बक्सर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया के दौरान वंशावली को लेकर लोगों में काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है. इसे लेकर विशेष सर्वेक्षण सदर अंचल प्रभारी सीमा कुमारी ने कहा है कि सर्वेक्षण के दौरान वंशावली को स्वयं ही फॉर्म 3 (1) में स्वघोषणा के माध्यम से भरना होगा.

यानि वंशावली को पंचायत या कोर्ट से तैयार करवाने की कोई अनिवार्यता नहीं है. इसके बावजूद कई जगहों पर सर्वेक्षण कर्मी आवेदकों से कोर्ट और पंचायत द्वारा तैयार की गई वंशावली का हलफनामा संलग्न करने को कह रहे हैं. ऐसे में भू-स्वामी कोर्ट और दफ्तरों का चक्कर लगाकर वंशावली तैयार करवा रहे हैं. इसके लिए उन्हें समय के साथ-साथ पैसे भी खर्च करने पड़ रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार बिचौलिए वंशावली तैयार करवाने के लिए पांच सौ रुपये तक वसूल रहे हैं. विशेष भूमि सर्वेक्षण के दौरान किसानों से उनकी वंशावली की जानकारी मांगी जा रही है. खासकर उन जमीनों के लिए जो पुश्तैनी हैं, फॉर्म-3 भरना अनिवार्य किया गया है. यदि कोई जमीन दादा या परदादा के नाम पर थी और समय के साथ उनकी मृत्यु हो चुकी है, तो ऐसी स्थिति में वंशावली के आधार पर उस जमीन के वास्तविक मालिकों का नाम सर्वे में दर्ज किया जाएगा.

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इस संबंध में कानूनगो यशवंत कुमार ने बताया कि जमीन सर्वे के लिए किसानों द्वारा दी गई वंशावली में कोर्ट का हलफनामा संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है. वंशावली की जानकारी उस फॉर्म में बिल्कुल सही देनी चाहिए. जिसके बाद सर्वे अधिकारी ग्राम सभा के माध्यम से आपके द्वारा दी गई वंशावली की जानकारी का सत्यापन करेंगे. उन्होंने बताया कि इसके लिए लोगों को अलग से किसी कार्यालय या पंचायत का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है.

भूमि सर्वेक्षण के नाम पर दलालों ने शुरू किया ठगना

ये लोग लोगों से वंशावली बनाने के नाम पर दो हजार से दस हजार रुपये तक वसूल रहे हैं. हालांकि जिला बंदोबस्त अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विशेष भूमि सर्वेक्षण के लिए वंशावली बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क है. लोग इस तरह से झांसा में न आएं.

विशेष भूमि सर्वे का कार्य शुरू होते ही अंचल, रजिस्ट्री और भूमि संबंधी अन्य कार्यालयों में सक्रिय रहने वाले दलालों की चांदी हो गई है. भूमि सर्वेक्षण में लोगों को स्वघोषित वंशावली देनी है, लेकिन ठग इधर-उधर की बातों के जरिए लोगों को बरगलाकर वंशावली बनाने के पर किसी से दो हजार तो किसी से 10 हजार रुपये तक ठग रहे हैं.

ऐसी शिकायतें पीड़ित लाेग आपस में बातचीत के दौरान तो कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी तक नहीं पहुंचा रहे हैं. बंटवारे और भूमि संबंधी अन्य प्रक्रियाओं की तरह जिम्मेदार प्राधिकार से वंशावली बनाने की समस्या विशेष भूमि सर्वे के संबंध में नहीं है. विशेष भूमि सर्वे के लिए वंशावली संबंधित रैयत को प्रपत्र तीन में देनी है.

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RajeshKumar Ojha

लेखक के बारे में

By RajeshKumar Ojha

Senior Journalist with more than 20 years of experience in reporting for Print & Digital.

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