ePaper

बिहार में जमीन के ‘बदलैन’ को मिली कानूनी मान्यता, सर्वे का काम जल्द शुरू होगा

Updated at : 08 May 2025 8:05 AM (IST)
विज्ञापन
Bihar Bhumi survey problems of land lord who do not pay rent are going to increase

Bihar Bhumi survey (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar Land Survey: बिहार सरकार ने 'बदलैन' जमीन को कानूनी मान्यता देते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. अब किसान अपनी आपसी सहमति से जमीन बदल सकते हैं, और इसका सर्वे कर भू-अधिकार खाता खोला जाएगा, जिससे उन्हें कानूनी सुरक्षा, ऋण सुविधा और विवादों का समाधान मिलेगा.

विज्ञापन

Bihar Land Survey: बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ‘बदलैन’ जमीन को कानूनी मान्यता दे दी है. अब यदि दो किसान आपसी सहमति से अपनी जमीन बदलते हैं और उस पर कोई विवाद नहीं होता, तो वे उसे वैध मानते हुए भू-अधिकार खाता खुलवा सकेंगे. यह आदेश बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली 2025 के तहत अधिसूचित किया गया है.

‘बदलैन’ प्रक्रिया की अहमियत

‘बदलैन’ तब होता है, जब दो या अधिक किसान आपसी सहमति से अपनी जमीन बदलते हैं, लेकिन पहले यह केवल मौखिक सहमति पर आधारित था, जिससे न तो जमीन का सही उपयोग हो पाता था न ही उसे कानूनी रूप से बेचा जा सकता था. अब, इस नई व्यवस्था के तहत, यदि दोनों किसान लिखित सहमति देते हैं, तो उस जमीन को कानूनी मान्यता प्राप्त होगी.

किसानों को मिलने वाला फायदा

इस फैसले से किसानों को कई फायदे मिलेंगे. सबसे पहले उनकी जमीन का नाम भू-अधिकार अभिलेख में दर्ज होगा जिससे उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलेगी. इसके बाद वे इस जमीन पर कृषि ऋण ले सकेंगे और उसे कानूनी तरीके से बेच भी सकेंगे. इसके साथ ही, जो भूमि विवाद कई सालों से लंबित थे, वे अब इस आदेश से हल हो सकेंगे.

सर्वेक्षण और सत्यापन प्रक्रिया

इस प्रक्रिया के तहत, दोनों किसान सर्वेक्षण टीम के सामने अपनी सहमति देंगे और टीम यह सुनिश्चित करेगी कि वे बिना किसी विवाद के बदली गई जमीन पर काबिज हैं. इसके बाद उस ज़मीन का भू-अधिकार खाता खोला जाएगा और उसे वैध माना जाएगा.

Also Read: बिना नंबर प्लेट की काली थार और विदेशी हथियारों का जखीरा! पुलिस ने बड़ी साजिश का ऐसे किया खुलासा

किसानों की उम्मीदें

मोहनपुर के किसान उदय शंकर नटवर ने इस फैसले को किसानों के लिए बड़ी राहत बताया और कहा कि अब वे अपनी ज़मीन का सही इस्तेमाल कर सकेंगे. पहले लोग रजिस्ट्री के लिए शुल्क और प्रक्रिया से बचने के लिए मौखिक बदलैन करते थे, लेकिन अब यह कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त हो चुका है जिससे वे आर्थिक रूप से राहत मिलेगी.

विज्ञापन
Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन