Bihar Land Survey: जमीन सर्वे के बीच आया बड़ा अपडेट, इन जमीनों पर सरकार की नजर

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 24 Oct 2024 3:08 PM

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Bihar land Survey

Bihar Land Survey: बिहार में जारी जमीन सर्वे के बीच एक बड़ा अपडेट आया है. राजस्व एंव भूमि सुधार विभाग ने पत्र लिखकर सभी अधिकारियों से सरकारी जमीन का ब्यौरा मांगा है. आईये जानते हैं इसके पीछे की वजह क्या है?

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Bihar Land Survey: बिहार में 20 अगस्त से जारी जमीन सर्वे के बीच सरकार ने बड़ा आदेश जारी किया है. बिहार सरकार सरकारी जमीन का पूरा डेटा रखने के लिए एक खास तरह का सर्वे करा रही है. इस काम को पूरा करने के लिए राजस्व और भूमि सुधार विभाग प्रदेश के सभी जिलों से सरकारी जमीन का रिकॉर्ड इकट्ठा कर रहा है. इसमें गैरमजरुआ आम और खास जमीन, भू-हदबंदी, भूदान, अधिग्रहित जमीन, क्रय नीति से ली गई जमीन और ऐसी ही दूसरी जमीनों को शामिल किया गया है. रिकॉर्ड इकठ्ठा करने के बाद विभाग इस रिकॉर्ड को वेबसाइट पर भी डालेगी ताकि भविष्य में कोई गड़बड़ी ना हो सके.

क्या है मकसद

सभी जिलों के अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर विभाग ने सरकारी जमीन का सम्पूर्ण डिटेल भेजने को कहा है. विभाग का मानना है कि रिकॉर्ड अपने पास रखने से भविष्य में इसपर कोई अपना दावा नहीं कर पाएगा. सभी जिलों के अधिकारियों ने अपर समाहर्ता, राजस्व अधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, डीसीएलआर और सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो जल्द से जल्द सभी सरकारी जमीनों का ब्यौरा भेजें.

इन जमीनों पर सरकार की नजर

गैरमजरुआ , भू-हदबंदी, भूदान, अधिग्रहित जमीन, क्रय नीति से ली गई जमीन में इसकी किस्म का भी डिटेल भी भरना होगा. इसके अलावा जमीन का रकबा, खाता संख्या, खेसरा संख्या और वर्ष के हिसाब से पूरा ब्यौरा देना होगा. नियम के मुताबिक अगर किसी को सरकारी जमीन घर बनाने के लिए दी गई है, तो उस बारे में भी बताना होगा.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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