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बिहार सरकार के रैयत करा लें जमाबंदी की आधार से लिंक, जमीन मामले में मिलेगा ये फायदा

Updated at : 05 Feb 2025 5:49 AM (IST)
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Bihar Land Survey

Bihar Land Survey

Bihar Land Survey : अगर आप बिहार सरकार के रैयत हैं और आपकी जमाबंदी आधार से लिंक नहीं हुई है तो लिंक करा लें. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इससे जुड़ी जानकारी साझा की है. विभाग की तरफ से बताया गया है कि जमाबंदी को आधार से लिंक करने की क्या प्रक्रिया क्या है. इसके फायदे भी बताये गए हैं.

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Bihar Land Survey : पटना. बिहार में जमीन सर्वे का काम चल रहा है. रैयतों की परेशानी को कम करने के लिए भूमि एंव राजस्व विभाग लगातार नियमों में बदलाव कर रहा है. विभाग ने भूमि विवाद को कम करने के लिए जमीन की जमाबंदी को आधार से लिंक कराने को अनिवार्य कर दिया है. बिहार में सभी जमाबंदी रैयतों के मोबाइल नंबर से लिंक किया जाएगा. विभाग का कहना है कि यह काम अब जरूरी हो गया है. ऐसा इसलिए क्यों कि यह काम नहीं करने पर अंचल कार्यालय से जमाबंदी लॉक की जा सकती है. जमीन की जमाबंदी को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक करने से जमीन से जुड़ी सेवाओं में पारदर्शिता आयेगी. साथ ही फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगा.

बिहार सरकार की रैयतों से अपील

भूमि एंव राजस्व विभाग का कहना है कि अगर आप बिहार सरकार के रैयत हैं और आपकी जमाबंदी आधार से लिंक नहीं हुई है तो लिंक करा लें. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इससे जुड़ी जानकारी साझा की है. विभाग की तरफ से बताया गया है कि जमाबंदी को आधार से लिंक करने की क्या प्रक्रिया क्या है. इसके फायदे भी बताये गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/LRC आपने अभी तक अपनी जमाबंदी को आधार से लिंक नहीं किया है, तो नजदीकी अंचल कार्यालय में जाएं.

कैसे करें जमाबंदी को आधार से लिंक

अपने नजदीकी राजस्व कर्मचारी या अंचल कार्यालय से संपर्क करें.
आधार कार्ड और जमीन से जुड़े कागजात जैसे जरूरी दस्तावेज साथ ले जाएं.
राजस्व कर्मी-अधिकारी आपके दस्तावेजों की जांच के बाद आपकी जमाबंदी को आधार से लिंक कर देंगे.

यहां करें जमाबंदी के आधार लिंकिंग का ऑनलाइन स्टेटस चेक

बिहार भूमि पोर्टल https://biharbhumi.bihar.gov.in/
‘आधार/मोबाइल सीडिंग स्टेटस चेक करें’ के विकल्प पर क्लिक करें.
जमीन की जानकारी भरकर लिंकिंग स्टेटस चेक करें.

आधार लिंक करने के फायदे

विभागीय अधिकारियों की माने तो जमाबंदी का आधार से लिंक हो जाने से रैयतों को कई फयादे होंगे. आधार को जमाबंदी से लिंक करने पर जमाबंदी में कोई बदलाव होता है तो इसकी जानकारी आपको सीधे मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से मिल जायेगी. आधार को जमाबंदी से लिंक करने पर आपकी जमाबंदी के खिलाफ कोई म्यूटेशन आवेदन दाखिल होता है, तो इसकी जानकारी भी मोबाइल पर आ जायेगी. इससे भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ेगी, भूमि संबंधी विवाद कम होंगे और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा. भूमि संबंधी दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित होगी.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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