Bihar Land Survey: जमीन सर्वे के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन 38 लाख लोगों ने दिया हिसाब, जानिए लेटेस्ट अपडेट

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 24 Sep 2024 10:48 AM

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Bihar Land Survey: बिहार में जमीन सर्वेक्षण का काम 20 अगस्त को शुरू हुआ था. बीते एक महीने में 38 लाख लोगों ने स्वघोषणा-पत्र के माध्यम से जमीन का ब्योरा सरकार को दिया है.

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Bihar Land Survey : बिहार के 45 हजार गांवों में 20 अगस्त से जमीन सर्वेक्षण का काम जारी है. जमीन सर्वेक्षण के दौरान लोगों ने कई तरह की परेशानियां झेली. विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे स्कैम बताया. तेजस्वी यादव हर मंच से इस योजना को लेकर नीतीश सरकार पर हमलावर दिखे. उनका कहना था कि सरकार ने इतना बड़ा काम बिना तैयारी के लिए शुरू कर दिया जिससे बिहार के लोग काफी परेशान हो रहे हैं. अब इस काम को शुरू हुए करीब एक महीने बीत चुका है. लगातार आ रही समस्याओं को देखते हुए सरकार ने जमीन के कागजात को ऑनलाइन अपलोड करने की समयसीमा बढ़ाकर तीन महीना कर दी गई है. सरकार के इस कदम से ऑनलाइन जमा किये गए कागजातों की जांच जनवरी 2025 से शुरू होने की संभावना है. जमीन से संबंधित दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करने की नवंबर अंत या दिसंबर तक सभी रैयतों को वक्त मिला है.

सबसे ज्यादा ऑनलाइन दस्तावेज जमा रोहतास से

राज्य में चल रहे जमीन सर्वे के लिए करीब 38 लाख लोगों ने प्रपत्र-2 भरकर स्वघोषणा दी है. इसमें करीब 25 लाख स्वघोषणा को सर्वे शिविरों में जाकर यानी ऑफलाइन और करीब 13 लाख ऑनलाइन दी गई है. रोहतास जिला में सबसे ज्यादा ऑनलाइन दस्तावेज जमा हुआ है, इस जिले के रैयतों ने 2 लाख 75 हजार फॉर्म ऑनलाइन जमा किये हैं. इसके बाद गया जिले का नंबर है जहां दो लाख, फिर दरभंगा में भी करीब दो लाख और समस्तीपुर जिले में 1 लाख फॉर्म ऑनलाइन जमा हुए हैं. लेटेस्ट अपडेट में बताया गया कि शिविरों में जमा कराए गए दस्तावेजों में करीब 20 लाख को स्कैन करके ऑनलाइन जमा कर दिया गया है. एक डेटा के मुताबिक बिहार में रैयतों की संख्या लगभग दो करोड़ है. इसमें से महज 38 लाख यानी 19 प्रतिशत रैयतों ने ही अब तक जमीन का हिसाब-किताब दिया है.

कितने फीसदी लोगों को आ रही दिक्कत मंत्री ने बताया

जमीन सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस बारे में दिलीप जायसवाल ने कहा कि जिनके पास कागजात हैं उनका सर्वे चल रहा है और यह चलता रहेगा. राज्य में महज 12- 15 प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं जिनको कागजात की दिक्कत हो रही थी. सरकार इनलोगों को आ रही परेशानी से वाकिफ है और इसके लिए चिंता कर रही है. कागजात सही करवाने के लिए किसानों को तीन महीने का समय दिया जा रहा है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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