Bihar News: अरविंद केजरीवाल के लिए कुर्सी खाली रखना चाटुकारिता की चरम सीमा, दिल्ली सीएम पर भड़की जदयू

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 23 Sep 2024 7:52 PM

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Bihar News: दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को अपना पदभार संभाला. जिस कुर्सी पर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल बैठते थे, उसे उन्होंने खाली रखा है. उनके इस कृत्य पर अब इस पर सियासत शुरू हो गई है.

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Bihar News: दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को अपना पदभार संभाला. जिस कुर्सी पर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल बैठते थे, उसे उन्होंने खाली रखा है. उनके इस कृत्य पर अब इस पर सियासत शुरू हो गई है. इस घटना पर जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में यह पहला अवसर है जब विधायकों के द्वारा चुना गया मुख्यमंत्री उसके के ल‍िए न‍िर्धारि‍त कुसी पर ना बैठा हो. यह चापलूसी और चाटुकारि‍ता की चरम सीमा है. वहीं इस मामले पर राजद ने अलग रुख अपनाया है. राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी समझदार हैं और उनके अंदर कई भावनाएं निहित है. राजकाज चलाने वाला व्यक्ति अगर अनुकरण करता है और अच्छी चीजों को मानक मानते हुए उसे सदैव अपने बगल में रखता है तो उससे उसे शक्ति मिलती है. अरविंद केजरीवाल लंबे समय तक लगातार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे और आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक भी हैं. स्वाभाविक तौर पर जो अनुकरणीय काम उन्होंने दिल्ली के विकास के लिए किया होगा वो आतिशी के लिए अनुकरणीय होगा.”

इसमें गलत क्या है

शक्ति यादव ने आगे कहा, “अगर उन्होंने अपने बगल में एक कुर्सी को खाली रखा है तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने प्रेरणा के लिए कुर्सी लगाई है। मेरा मानना है जो अच्छा काम करे उसे अनुकरणीय मानना चाहिए। आज भी लोग कई पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल को मानक मानते हैं। अगर उनके अंदर भरत भाव है तो यह सुंदर संकेत है और सात्विक भी है। मेरा मानना है कि अगर राजकाज चलाने के लिए सात्विक भाव आ जाए तो राजनीति में एक नई निखार आती है।”

बीजेपी ने किया कटाक्ष

इस मामले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता टॉम वडक्कन ने कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनाव में आप का सफाया हो गया, लेकिन इससे कोई सबक नहीं ल‍िया. अभी तो उन्होंने कुर्सी खाली रखी है, हो सकता बाद में उनकी चप्पल रखें, जैसे रामायण में हुआ था. आतिशी नाटक और नौटंकी में नंबर वन है. दिल्ली की नई मुख्यमंत्री ऐसी चालें चलती रहेंगी, क्योंकि उनकी अपनी कोई हैसियत नहीं है और वह अरविंद केजरीवाल के समर्थन से मुख्यमंत्री बनी हैं. वह एक कठपुतली सीएम हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि रिमोट कंट्रोल केजरीवाल के हाथ में है. जब तक उन्हें अदालत की तरफ से दोषी नहीं ठहराया जाता, यह नाटक चलता रहेगा.”

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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