Bihar Flood Relief Scam: बिहार के बख्तियारपुर प्रखंड में मृतकों के खातों में पहुंची 7-7 हजार की बाढ़ सहायता राशि

बिहार में मृतकों के खातों में पहुंची 7-7 हजार की बाढ़ सहायता राशि
Bihar Flood Relief Scam: बिहार के पटना से सटे बख्तियारपुर में बाढ़ पीड़ितों की मदद के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है. जिन लोगों की मौत हो चुकी है, उनके बैंक खातों में भी सरकार की ओर से 7-7 हजार रुपये भेज दिए गए.
Bihar Flood Relief Scam: बख्तियारपुर प्रखंड के हरदासपुर दियारा, कालादियारा, रूपस महाजी, चिरैया रूपस और रामनगर सतभैया पंचायत में बाढ़ राहत सहायता राशि कई मृतकों और गैर-निवासियों के बैंक खातों में भेजी गई है.
स्थानीय मुखियाओं और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही से बिना सही जांच और अनुश्रवण समिति की राय लिए यह राशि ट्रांसफर कर दी गई. अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
कैसे हुआ खुलासा
हरदासपुर दियारा निवासी मुखिया मनोज कुमार ने बताया कि उनके पंचायत की बाढ़ प्रभावित सूची में करीब 100 लोग ऐसे शामिल हैं, जो वास्तव में पंचायत के निवासी ही नहीं हैं. वहीं, 8 से 10 ऐसे नाम भी सूची में दर्ज हैं जिनका निधन काफी पहले हो चुका है. मामला तब सामने आया जब मृतकों के खातों में बाढ़ सहायता की राशि आने लगी.
स्थानीय लोगों ने बताया कि हरदासपुर दियारा के राम बालक राय, दीना राय, कैलाश राय, राम किशुन राय और अलखदेव राय का निधन 2024 से पहले ही हो चुका है. बावजूद इसके उनके बैंक खातों में 7-7 हजार रुपये की राहत राशि ट्रांसफर की गई. यही स्थिति अन्य चार पंचायतों में भी है, जहां सैकड़ों मृतकों के खाते सक्रिय बताकर पैसा भेजा गया.
पति-पत्नी दोनों को मिली राहत राशि
मुखिया मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि कई वार्डों में पति-पत्नी दोनों के खातों में बाढ़ सहायता राशि भेजी गई है. उन्होंने कहा कि न तो मुखियाओं से कोई पारिवारिक जानकारी ली गई और न ही पंचायत समिति से राय. जिला मुख्यालय के कर्मियों की लापरवाही से मृतकों और गैर-निवासियों तक यह राशि पहुंची है.
बख्तियारपुर के सीओ निरंजन कुमार ने स्वीकार किया है कि मृतकों और दंपतियों के खातों में सहायता राशि जाने की शिकायत मिली है. उन्होंने कहा, “पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जांच के बाद मृतकों के खातों में गई राशि की वसूली की कार्रवाई होगी.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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