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Bihar Teacher Transfer: चार हजार से अधिक शिक्षकों ने किया ट्रांसफर से इनकार, शिक्षा विभाग उठा सकता है ये कदम

Updated at : 30 Jun 2025 1:46 PM (IST)
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Bihar Teacher News

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए चल रही तबादला प्रक्रिया के बीच एक बड़ी चुनौती सामने आई है. अब तक ट्रांसफर हुए 65 हजार से अधिक शिक्षकों में से 4,110 ने तबादला स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. शिक्षा विभाग इन मामलों की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है.

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Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने और स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू की है. अब तक राज्यभर में कुल 65,277 शिक्षकों का तबादला किया जा चुका है, लेकिन इस बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 4,110 शिक्षकों ने अपने तबादले को स्वीकार नहीं किया है.

इनकार करने वाले शिक्षकों को बताना होगा कारण

शिक्षा विभाग अब इन मामलों की गहन समीक्षा करेगा और तय करेगा कि ऐसे शिक्षकों पर आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है. अधिकारियों का कहना है कि तबादला नीति के तहत सभी शिक्षकों को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से नई जगहों पर भेजा गया है. इनकार करने वाले शिक्षकों को कारण बताना होगा कि उन्होंने तबादला क्यों नहीं स्वीकार किया.

तकनीकी और पारदर्शी ढंग से किया गया हैं ट्रांसफर

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ शिक्षक दूरदराज के इलाकों में नियुक्ति से असहज हैं तो कुछ निजी कारणों से तबादले को टालना चाह रहे हैं. हालांकि विभाग का स्पष्ट कहना है कि इस बार की तबादला प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी और पारदर्शी ढंग से की गई है, जिससे किसी भी तरह के पक्षपात की गुंजाइश नहीं है.

उचित कारण नहीं बताने पर होगी कार्रवाई

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों ने बिना उचित कारण के तबादला नहीं स्वीकार किया है, उनके खिलाफ सेवा शर्तों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है. शिक्षा विभाग का फोकस इस समय स्कूलों में शिक्षक की कमी को जल्द से जल्द दूर करना है ताकि बच्चों की पढ़ाई किसी भी हाल में बाधित न हो.

आज जारी होगी 10,322 शिक्षकों की ट्रांसफर सूची

सोमवार यानि आज विभाग 10,322 और शिक्षकों की तबादला सूची जारी करेगा, जिसमें कई शिक्षकों को नए जिले और स्कूल आवंटित किए जाएंगे. इस कवायद का मकसद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारना है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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