Bihar DGP के ऐलान से हड़कंप, 1172 धनकुबेरों की संपत्ति होगी जब्त, सूची में कई नेता के नाम भी शामिल

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 17 Jun 2025 4:35 AM

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DGP Vinay Kumar

Bihar DGP : बिहार में अपराधियों की अवैध संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई शुरू होने जा रही है. राज्य के 1249 थानों में चिन्हित 1172 कुख्यात अपराधियों की करोड़ों-अरबों की संपत्ति जब्त की जाएगी. बालू, शराब, भूमि माफिया और नेताओं सहित कई आरोपियों के खिलाफ चार से छह महीने में जब्ती की प्रक्रिया पूरी होगी.

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Bihar DGP, अनुज शर्मा : बिहार के 1249 थानों में चिन्हित 1172 अपराधियों की करोड़ों-अरबों की अवैध संपत्ति जब्त की जाएगी. इन अपराधियों में बालू, शराब, भूमि माफिया, रंगदारी, लूट, जालसाजी के आरोपी और कई पूर्व व वर्तमान विधायक-सांसद शामिल हैं. डीजीपी विनय कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी देते हुए कहा कि संपत्ति जब्ती की कार्रवाई चार से छह महीने में पूरी कर ली जाएगी.

क्या बोले DGP

डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि एसडीपीओ स्तर पर 239, एसपी स्तर पर 212 और कोर्ट में 188 प्रस्ताव विचाराधीन हैं. चार मामलों में कोर्ट जब्ती का आदेश पारित कर चुका है. बीएनएसएस की धारा 107 के तहत चल रही इस प्रक्रिया में कोर्ट आरोपी को 14 दिनों का जवाबी मौका देगा. जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय आदेश पारित किया जाएगा. यदि पीड़ित की पहचान हो गई तो डीएम जब्त संपत्ति का वितरण 60 दिनों के भीतर करेंगे.

फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रस्ताव भेजा गया

डीजीपी ने कहा कि अपराध में पहली बार नामजद होने के बाद अर्जित संपत्ति को ही अपराध से अर्जित संपत्ति की श्रेणी में रखा गया है. आर्थिक अपराध इकाई ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मधुबनी के मनोज झा, मुजफ्फरपुर के चुन्नु ठाकुर और पटना के संजय उर्फ संतोष डॉन की पांच करोड़ की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव ईडी को भेजा है. गंभीर मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है.

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आर्म्स एक्ट वालों के लिए स्पेशल कोर्ट

बड़े जिलों में पांच, मध्यम में तीन और छोटे जिलों में दो कोर्ट का सुझाव है. इनमें रिटायर्ड जजों की सेवा लेने पर विचार चल रहा है. आर्म्स एक्ट के मामलों के लिए अलग विशेष कोर्ट बनाए जाएंगे. डीजीपी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि 2004 में 4000 हत्याएं हुई थीं, जो 2024 में घटकर 2400 रह गईं, जबकि जनसंख्या दोगुनी हो गई है. 2011 में बनाए गए 178 फास्ट ट्रैक कोर्ट के अच्छे परिणाम मिले थे, जिन्हें अब फिर से सक्रिय करने की तैयारी है.

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Paritosh Shahi

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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