ePaper

बिहार में भ्रष्ट कर्मचारियों को अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, स्पीडी ट्रायल से मिलेगी सजा, निगरानी ब्यूरो का बड़ा ऐलान

Updated at : 31 Dec 2025 6:57 PM (IST)
विज्ञापन
patna news vigilance| Corrupt employees in Bihar will now be punished through speedy trials

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की तस्वीर

Bihar News: नए वर्ष में निगरानी ब्यूरो भ्रष्ट लोकसेवकों को पकड़ने के साथ-साथ उन्हें समयबद्ध सजा दिलाने पर खास फोकस करेगा. इसके लिए स्पीडी ट्रायल कोषांग के गठन की तैयारी की जा रही है.

विज्ञापन

Bihar News: नए वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई और तेज होने वाली है. अब केवल भ्रष्ट लोकसेवकों को पकड़ने तक सीमित न रहकर, उन्हें समयबद्ध सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया जाएगा. इसके लिए निगरानी ब्यूरो में जल्द ही स्पीडी ट्रायल कोषांग का गठन किया जाएगा. जो ट्रैप, आय से अधिक संपत्ति (डीए) और अन्य गंभीर मामलों के त्वरित निपटारे पर काम करेगा. यह जानकारी निगरानी ब्यूरो के महानिदेशक (डीजी) जितेंद्र सिंह गंगवार ने वर्ष के अंतिम दिन आयोजित प्रेस वार्ता में दी.

नए साल में की जा रही हैं तीन पहल

डीजी ने बताया कि नए साल में तीन अहम पहल की जा रही हैं. पहली, भ्रष्टाचार के मामलों में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करना. दूसरी, ट्रैप और डीए मामलों की जांच और कार्रवाई की गति बढ़ाना. तीसरी, आधुनिक डिजिटल तकनीकों से लैस नए भवन का निर्माण, जहां अत्याधुनिक जांच संसाधन उपलब्ध होंगे. उन्होंने कहा कि 2025 निगरानी ब्यूरो के इतिहास में उपलब्धियों के लिहाज से बेहद अहम वर्ष रहा है.

एक ही दिन में दर्ज हुईं 20 एफआईआर

जितेंद्र सिंह गंगवार के अनुसार, पिछले 25 वर्षों में निगरानी ब्यूरो में औसतन सालाना 72-73 एफआईआर दर्ज होती थीं, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 122 एफआईआर तक पहुंच गया. 30 दिसंबर को एक ही दिन में रिकॉर्ड 20 एफआईआर दर्ज की गईं. कुल मिलाकर, वर्ष 2025 में लगभग हर दूसरे कार्यदिवस पर एक एफआईआर दर्ज हुई, जो कार्रवाई की तीव्रता को दर्शाता है.

सबसे अधिक कार्रवाई ट्रैप मामलों में हुई है. वर्ष 2025 में 101 एफआईआर सिर्फ घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए लोकसेवकों के खिलाफ दर्ज की गईं. इन मामलों में 107 भ्रष्ट लोकसेवक गिरफ्तार हुए, जिनमें 7 महिला पदाधिकारी और 6 बिचौलिए शामिल हैं. ट्रैप मामलों में कुल 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की घूस राशि जब्त की गई. निगरानी ब्यूरो के इतिहास में पहली बार 27 अगस्त को एक ही दिन चार अलग-अलग जिलों में ट्रैप की कार्रवाई की गई.

आय से अधिक संपत्ति मामलों में भी हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी

आय से अधिक संपत्ति मामलों में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. 2024 में जहां सिर्फ 2 डीए केस दर्ज हुए थे, वहीं 2025 में 15 लोकसेवकों पर कार्रवाई की गई. इन मामलों में अब तक 12 करोड़ 77 लाख रुपये की अवैध संपत्ति पकड़ी गई है. सबसे बड़ा डीए केस भवन निर्माण विभाग के एक कार्यपालक अभियंता पर 2 करोड़ 74 लाख रुपये का दर्ज किया गया.

डीजी ने बताया कि मामलों के निपटारे की दर भी तेजी से बढ़ी है. 2025 में जहां 80 नए मामले दर्ज हुए, वहीं 121 मामलों का निपटारा किया गया. पहले सजा दिलाने में औसतन 12-13 साल लगते थे, जिसे अब कम किया जा रहा है. आने वाले समय में स्पीडी ट्रायल व्यवस्था की कमान डीआईजी मृत्युंजय कुमार संभालेंगे.

शिक्षकों के फर्जी प्रमाणपत्र की भी जांच जारी

नियोजित शिक्षकों के फर्जी प्रमाणपत्र मामले में भी जांच जारी है. अब तक 6.56 लाख से अधिक प्रमाणपत्रों की जांच में 1711 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 2916 शिक्षकों को आरोपी बनाया गया है. निगरानी ब्यूरो का कहना है कि नए वर्ष में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और सख्त व प्रभावी होगी.

Also Read: Bihar Bhumi: शिकायत के बाद भी विजय सिन्हा टाइट, कहा- लटकाओ-भटकाओ अब नहीं चलेगा, लापरवाह CO पर होगी कार्रवाई

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन