पारिवारिक बंटवारा नहीं तो पूर्वजों के नाम पर ही रहेगी जमीन, जानिए लैंड सर्वे को लेकर बिहार सरकार का मेगा प्लान
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 17 May 2026 11:37 AM
सांकेतिक तस्वीर
Bihar Land Survey: बिहार सरकार ने साफ कर दिया है कि जमीन का पारिवारिक बंटवारा नहीं होने पर भी भूमि सर्वे नहीं रुकेगा. तय समय में सर्वे पूरा करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, ऑनलाइन रिकॉर्ड और AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा.
Bihar Land Survey: बिहार में चल रहे भूमि सर्वे को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब पारिवारिक बंटवारा हुआ हो या नहीं, जमीन सर्वे का काम तय समय पर पूरा किया जाएगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि परिवार के लोगों ने आपस में जमीन का बंटवारा नहीं किया है, तब भी सर्वे नहीं रुकेगा. ऐसी स्थिति में जमीन उन्हीं पूर्वजों के नाम पर दर्ज रहेगी, जिनके नाम पर पहले से रिकॉर्ड मौजूद है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने लंबित सर्वे कार्यों को अभियान चलाकर पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी की जाएगी. सरकार का मानना है कि बिहार में जमीन विवाद कई आपराधिक घटनाओं और हत्याओं की बड़ी वजह बन चुके हैं. इसलिए रिकॉर्ड सुधार और सर्वे को पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है.
सरकारी जमीन की पहचान में होगा AI का इस्तेमाल
भूमि सर्वे को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का भी इस्तेमाल करेगी. इसके जरिए सरकारी जमीनों की पहचान की जाएगी और रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से व्यवस्थित किया जाएगा.
राजस्व विभाग का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से फर्जीवाड़ा और विवाद कम होंगे. साथ ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की पहचान करना भी आसान होगा.
ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में भूमि सर्वे और परिमार्जन कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी काम में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 के अंत तक पूरे बिहार में भूमि सर्वे का काम पूरा कर लिया जाए.
8000 गांवों के पुराने खतियान गायब
भूमि सर्वे में सबसे बड़ी चुनौती पुराने रिकॉर्ड की कमी बन रही है. राज्य के करीब 45 हजार गांवों में से लगभग 8 हजार गांवों के कैडेस्ट्रल खतियान गायब बताए जा रहे हैं. इन दस्तावेजों के नहीं मिलने से सर्वे कार्य प्रभावित हो रहा है.
सरकार ने अब विज्ञापन जारी कर लोगों से पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है. साथ ही जमीन मालिकों से स्वघोषणा के आधार पर जमीन का विवरण भी लिया जा रहा है. अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ‘खास महाल’ जमीन से जुड़े मामलों में वे खुद कोई कार्रवाई न करें. ऐसे मामलों को उच्च अधिकारी देखेंगे.
अब केवल ऑनलाइन मिलेगा भू-अभिलेख
जमीन विवाद कम करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव किया है. अब भू-अभिलेख केवल ऑनलाइन माध्यम से ही उपलब्ध कराए जाएंगे. किसी भी स्थिति में ऑफलाइन रिकॉर्ड जारी नहीं किया जाएगा. सरकार का मानना है कि ऑनलाइन व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी.
सुबह-शाम अतिरिक्त काम करेंगे राजस्व कर्मचारी
राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से कई आवेदन लंबित हो गए हैं. इसे देखते हुए विभाग ने कर्मचारियों को अतिरिक्त समय तक काम करने का निर्देश दिया है. अब राजस्व कर्मचारी सुबह 6 बजे से 9 बजे तक और शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक अतिरिक्त ड्यूटी करेंगे, ताकि लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सके. सरकार इस पूरी प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा करने की तैयारी में जुटी हुई है.
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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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