Bihar Bhumi: बिहार सरकार आम जनता को जमीन से जुड़े विवादों से राहत दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम शुरू किया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य जमीन से संबंधित समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से करना है, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.
इस कार्यक्रम में क्या होगा
इस कार्यक्रम के तहत राज्य के विभिन्न गांवों और पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं. इन शिविरों में दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, नाम सुधार, भूमि विवाद और अन्य पुराने मामलों की सुनवाई की जा रही है. अधिकारी मौके पर ही लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर समाधान कर रहे हैं.
कब से कब तक होगा काम
सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पुराने और लंबित मामलों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर किया जाए. इसके लिए 14 जनवरी तक का समय निर्धारित किया गया है. इस अवधि में सप्ताह के छह दिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक शिविरों में काम किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके.
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गांव में ही हो रहा समाधान
भूमि सुधार जनकल्याण संवाद से गांव के लोगों को खास फायदा हो रहा है. अब उन्हें जमीन से जुड़े मामलों के लिए जिला या सर्किल ऑफिस जाने की जरूरत नहीं है. समस्या का समाधान गांव में ही हो रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है.
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इन बातों का रखें ध्यान
शिविर में समस्या का तुरंत समाधान पाने के लिए कुछ जरूरी कागजात अपने साथ जरूर रखें. अगर आपकी अपनी जमीन है तो उसका पुराना केवाला या डीड की फोटोकॉपी और अगर संभव हो तो जमीन की नई रसीद साथ ले जाएं. इसके अलावा अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर रखना न भूलें. यदि जमीन पुरखों की है और आप उसे अपने नाम करवाना चाहते हैं, तो अपनी वंशावली भी साथ रखें. पहले कभी दाखिल-खारिज या सुधार के लिए आवेदन किया था, तो उसका पुराना आवेदन नंबर भी साथ ले जाएं ताकि अधिकारी आपकी फाइल को आसानी से ढूंढ सकें.

