बिहार में डबल खुशखबरी, 239 इंस्ट्रक्टर्स की बहाली, कई जिलों में खुलेंगे नए आयुष अस्पताल

Updated at : 31 Mar 2026 8:58 PM (IST)
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नीतीश कुमार की फाइल फोटो

Bihar News: बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए हैं. मध्य विद्यालयों में 239 अनुदेशकों की बहाली प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि कई जिलों में नए आयुष अस्पताल खोलने की मंजूरी भी मिल गई है.

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Bihar News: बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में बड़े फैसले लिए गए हैं. जहां एक ओर मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के पद पर 239 अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर राज्य के कई जिलों में नए आयुष अस्पताल खोलने की मंजूरी भी मिल गई है. इन दोनों फैसलों से रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

239 पदों पर बहाली, 28 मई को मिलेगा नियुक्ति पत्र

शिक्षा विभाग ने न्यायालय के आदेश के बाद पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 239 सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके तहत 28 मई को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे. यह नियुक्ति शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के पद पर की जाएगी.

जानिए पूरा शेड्यूल

  • 8 अप्रैल तक: रिक्त पदों की जानकारी NIC पोर्टल पर अपलोड
  • 11 अप्रैल: रिक्तियों का प्रकाशन
  • 11-26 अप्रैल: आवेदन प्रक्रिया
  • 29 अप्रैल: औपबंधिक मेधा सूची जारी
  • 29 अप्रैल-5 मई: आपत्तियां दर्ज
  • 9 मई: अंतिम मेधा सूची का प्रकाशन
  • 12 मई: प्रमाण पत्रों की जांच
  • 13 मई: चयन सूची जारी
  • 28 मई: नियुक्ति पत्र वितरण
  • आयुष अस्पतालों का बड़ा विस्तार

बिहार में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए कई जिलों में नए आयुष अस्पताल खोले जाएंगे. इससे लोगों को आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग और यूनानी चिकित्सा की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी.

इन जिलों में बनेंगे 50 बेड के अस्पताल

बेगूसराय, दरभंगा, मधुबनी, सिवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और गया में 50-50 बेड वाले आयुष अस्पताल बनाए जाएंगे. इन अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक इलाज की व्यवस्था होगी, जिससे लोगों को बेहतर विकल्प मिल सकेगा.

छोटे जिलों में भी सुविधा

अररिया, बांका और मधुबनी में 10 बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पताल भी खोले जाएंगे. ये अस्पताल प्राथमिक इलाज के लिए काफी उपयोगी साबित होंगे. सरकार का मानना है कि इन अस्पतालों के खुलने से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. साथ ही, इससे स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और आयुष पद्धति पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा.

रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

इन योजनाओं से डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

बड़ा बदलाव लाने की तैयारी

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाए गए ये कदम बिहार में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं. इससे एक ओर युवाओं को रोजगार मिलेगा, तो दूसरी ओर आम लोगों को सस्ता और सुलभ इलाज भी उपलब्ध हो सकेगा.

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लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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