नीतीश सरकार का बड़ा एक्शन, 22 IAS अफसरों का तबादला, CM सचिवालय की टीम बदली
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 09 Jan 2026 4:21 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar IAS Transfer: नए साल की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया है. 22 IAS और 11 बीएएस अधिकारियों के तबादले में मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर जिलों, अनुमंडलों और नगर निगमों तक युवा अफसरों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है.
Bihar IAS Transfer: बिहार में नए साल की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 22 IAS अधिकारियों सहित बिहार प्रशासनिक सेवा के 11 अफसरों का तबादला किया है. मुख्यमंत्री सचिवालय की टीम में हुआ बदलाव है.
नालंदा के नगर आयुक्त रहे 2019 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार मिश्रा को मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव बनाया गया है. इसे नालंदा में उनके शानदार काम के इनाम के तौर पर देखा जा रहा है.
मुख्यमंत्री सचिवालय से कुछ पुराने अधिकारियों को हटाकर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जैसे ओएसडी अभिजीत कुमार को नरकटियागंज का एसडीओ और कुमार ओमकेश्वर को पटना का एडीएम बनाया गया है.
किसे कहां की मिली जिम्मेदारी
2020 के टॉपर शुभम कुमार को मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा का नया डीडीसी नियुक्त किया गया है. उनके साथ ही युवा आईएएस अधिकारियों की एक पूरी टीम को जिलों और अनुमंडलों की कमान सौंपी गई है. सरकार ने 9 जिलों में नए डीडीसी तैनात किए हैं, जिनमें पटना, समस्तीपुर, सारण और गोपालगंज जिले शामिल हैं. राज्य के 7 प्रमुख नगर निगमों में नए आयुक्तों की नियुक्ति की गई है.
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पटना सदर की जिम्मेदारी किसके पास
प्रशासन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने के लिए पांच अनुमंडलों में भी नए एसडीओ भेजे गए हैं. आईएएस गरिमा लोहिया को बाढ़, अनिरुद्ध पाण्डेय को दानापुर और कृतिका मिश्रा को पटना सदर की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा, सहरसा के डीडीसी संजय कुमार निराला को अब बिहार कर्मचारी चयन आयोग के सचिव पद की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि समीर सौरभ को कंफेड का एमडी बनाया गया है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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