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आवास बोर्ड की जमीन का आसानी से हो सकेगा दाखिल खारिज

आवास बोर्ड से जमीन लेने वाले लोग आसानी से अपने नाम से करा सकेंगे दाखिल-खारिज

भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग ने जारी की अधिसूचना कृष्ण कुमार, पटना बिहार राज्य आवास बोर्ड से जमीन लेने वाले लोग आसानी से अपने नाम से दाखिल-खारिज करा सकेंगे. इसे लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नई व्यवस्था की है. साथ ही इसके पालन के संबंध में विभाग के अवर सचिव ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और सभी समाहर्ताओं को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा बिहार राज्य आवास बोर्ड द्वारा पूर्व में अधिग्रहीत भूमि को फ्री होल्ड करने के बाद इसके आवंटियों को उनके नाम से जमाबंदी कायम करने की व्यवस्था की गई है. प्रमंडलीय आयुक्तों और समाहर्ताओं को पत्र में जानकारी दी गई है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह की अध्यक्षता में चार फरवरी 2025 को बैठक यह निर्णय लिया गया. इस बैठक में चकबंदी निदेशक और बिहार राज्य आवास बोर्ड के सचिव सहित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव शामिल थे. बैठक में लिए गए निर्णय कि मुताबिक अर्जित या अधिग्रहीत भूमि का दाखिल-खारिज और जमांबंदी सृजन के लिए अर्जन से संबंधित दस्तावेज बिहार राज्य आवास बोर्ड द्वारा संंबंधितअंचल कार्यालय को तय फॉर्मेट में ऑनलाइन उपलब्ध कराने होंगे. इनमें अधिघोषणा की कॉपी और पंचाट की कॉपी शामिल हैं. पहले आवास बोर्ड के नाम से कायम होगी जमाबंदी आवेदन के बाद संबंधित अंचल कार्यालय द्वारा सर्वप्रथम बिहार राज्य आवास बोर्ड के नाम से जमाबंदी कायम की जाएगी. इसके लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड के लिए सृजित लॉगिन आईडी से इसे विभागीय वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in के माध्यम से दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया जाएगा. पहले से अर्जित या अधिग्रहीत भूमि की जमाबंदी बिहार राज्य आवास बोर्ड के नाम से कायम हो जाने के बाद उस फ्री होल्ड भूमि का दाखिल-खारिज और जमाबंदी सृजन की कार्रवाई के लिए नियमानुसार रैयतों या आवंटियों द्वारा अपने स्तर से संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन दिया जा सकेगा. सरकारी जमीन को बचाने की हुई थी व्यवस्था विभाग के सचिव जय सिंह द्वारा सरकारी काम के लिए सरकार के विभिन्न स्तरों पर हस्तांतरित या बंदोबस्त सरकारी भूमि और अधिग्रहीत रैयती भूमि की जमाबंदी कायम करने की ऑनलाइन व्यवस्था की गई थी. भू-अर्जन के कई मामलों में पहले अधिग्रहीत भूमि और बाद के दिनों में रैयतों द्वारा दावा करने सहित सरकारी जमीन को संरक्षित करने के लिए यह व्यवस्था की गई थी. तीन तरह से होता है सरकारी भूमि का हस्तांतरण सरकारी भूमि का हस्तांतरण मुख्य रूप से तीन प्रकार से किया जाता है. इसमें राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए निःशुल्क आधार पर अंतर्विभागीय जमीन का हस्तांतरण शामिल है. साथ ही व्यक्ति विशेष को निःशुल्क बंदोबस्ती और केंद्र सहित राज्य की परियोजनाओं के लिए रैयती भूमि का अधिग्रहण और सतत लीज शामिल है. क्या कहते हैं अधिकारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि आवास बोर्ड से अपनी जमीन को फ्री होल्ड कराने वाले जमीन मालिकों या रैयतों के लिए यह बड़ी राहत है. अब आवास बोर्ड से जमीन लेने वाले लोग आसानी से अपने नाम से दाखिल-खारिज करा सकते हैं.

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Prabhat Khabar News Desk
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