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Bihar NDA: मौलाना के 'मुसलमान लंदन का भी मेयर बन सकता है' वाले बयान पर मचा बवाल, हुसैन बोले- हिंदुस्तान को बदनाम किया

Updated at : 23 Nov 2025 3:27 PM (IST)
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Bihar NDA: मौलाना के 'मुसलमान लंदन का भी मेयर बन सकता है' वाले बयान पर मचा बवाल, हुसैन बोले- हिंदुस्तान को बदनाम किया

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी

Bihar NDA: अरशद मदनी ने कहा कि दुनिया सोचती है कि मुसलमान लाचार, खत्म और बांझ हो गए हैं. भारत में मुसलमान आगे नहीं बढ़ते हैं क्योंकि सरकार उन्हें बढ़ने का मौका नहीं देती है. उनके इस बयान पर बिहार NDA के नेताओं ने पलटवार किया है.

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Bihar NDA: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के बयान से बवाल मचा हुआ है. उन्होंने कहा था कि दुनिया के कई प्रमुख शहरों में मुस्लिम समुदाय के लोग मेयर जैसे अहम पदों तक पहुंच रहे हैं. लंदन जैसे बड़े शहर में भी कोई मुसलमान मेयर बन सकता है, लेकिन भारत में मुस्लिम व्यक्तियों को विश्वविद्यालयों में कुलपति बनने का अवसर लगभग नहीं मिलता. उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई मुसलमान आगे बढ़ने की कोशिश करता है, तो उसे आजम खान की तरह सजा झेलनी पड़ती है. मदनी के इस बयान पर बिहार NDA के नेताओं ने कहा है कि भारत में मुसलमान राष्ट्रपति बन चुके हैं और मदनी कहते हैं कि यहां के मुसलमान को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलता.

हुसैन ने बताया क्या-क्या बन सकता है भारत का मुसलमान

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी के बयान पर कहा, “जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी का बयान बहुत गैर-जिम्मेदाराना है. उन्होंने बहुत गलत बात की है. उन्होंने हिंदुस्तान को बदनाम किया है. भारत में मुसलमानों को जितने हक मिले हुए हैं, दुनिया में कहीं नहीं है. यहां का मुसलमान यहां राष्ट्रपति बन सकता है, भारत का मुसलमान यहां चीफ जस्टिस बन सकता है, क्रिकेट हॉकी का कैप्टन बन सकता है, एयर चीफ मार्शल बन सकता है, चीफ जस्टिस बन सकता है, ऊंचा सबसे बड़ा पद भारत के मुसलमानों को राष्ट्रपति के तौर पर मिला है. फिर भी अरशद मदनी इस तरह का बयान दे रहे हैं. यह बहुत गैर-जिम्मेदाराना बयान है. अरशद मदनी को माफी मांगनी चाहिए.”

भारत में जम्हूरियत मजबूत और सुरक्षित है- जदयू

शाहनवाज हुसैन की तरह जदयू नेता नीरज कुमार ने भी अरशद मदनी के बयान तीखी प्रतिक्रिया दी. कुमार ने कहा, “मौलाना अरशद मदनी साहब, यह हिंदुस्तान है. यहां की जम्हूरियत बेहद मजबूत और सुरक्षित है. लोकतंत्र और संविधान सबको समान अधिकार देते हैं. देश में हर जाति और धर्म के लोगों को काम करने और आगे बढ़ने की पूरी आजादी है. फिर आप न्यूयॉर्क जा रहे हैं और भारत पर सवाल उठा रहे हैं?”

कौन हैं अरशद मदनी

अरशद मदनी को दुनिया में एक बड़े इस्लामी विद्वान के तौर पर जाना जाता है. वह इस समय दारुल उलूम देवबंद के प्रमुख हैं और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के आठवें अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने टीचिंग की शुरुआत 1965 में गया के जामिया कसमिया से की, जहां लगभग डेढ़ साल पढ़ाया. इसके बाद 1969 में वह मुरादाबाद के मदरसा शाही पहुंचे और करीब 14 साल तक वहां पढ़ाते रहे. साल 2012 से वह वर्ल्ड मुस्लिम लीग के सदस्य भी हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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