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शिक्षकों को लेकर शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश, अब ये काम किया तो पड़ सकता है महंगा

Updated at : 04 Apr 2025 5:59 PM (IST)
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Bihar Teacher

(सांकेतिक)

Bihar Teacher News: बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सख्त रुख अपनाया है. नया आदेश जारी कर कहा गया है कि विभाग की आलोचना करने पर कार्रवाई होगी. शिक्षकों को चेतावनी दी गई है कि वे अनुशासन का पालन करें.

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Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षा विभाग अब उन शिक्षकों पर सख्त रुख अपना रहा है, जो सोशल मीडिया पर विभाग की नीतियों और कार्यप्रणाली के खिलाफ सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते हैं. विभाग ने इसे सेवा आचरण के खिलाफ मानते हुए अब ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर कार्रवाई का निर्देश जारी किया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला के हस्ताक्षर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजा गया है, जिसमें सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी रखने और उल्लंघन करने वालों पर विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया है.

सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो अब बनेंगे सबूत

शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि कुछ शिक्षक अक्सर फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर विभागीय योजनाओं और कार्यों की सार्वजनिक आलोचना करते हैं. कई बार वीडियो बनाकर शिक्षा व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश भी की जाती है. विभाग ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कहा है कि इससे न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि शिक्षा विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचता है.

शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर का करें उपयोग

पत्र में सभी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को यह निर्देश दिया गया है कि वे विभाग से जुड़ी किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए केवल विभाग द्वारा जारी किए गए टोल फ्री शिकायत निवारण नंबरों का ही उपयोग करें. किसी भी परिस्थिति में सोशल मीडिया पर विभाग के खिलाफ पोस्ट या वीडियो अपलोड न करें और न ही किसी न्यूज़ चैनल में अपनी बात को इस रूप में प्रस्तुत करें जो विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाए.

अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई

विभाग ने साफ किया है कि इस आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 और अन्य सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि यह आदेश सभी स्कूलों तक पहुंचे और प्रत्येक शिक्षक को इस आदेश की गंभीरता समझाई जाए.

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विभाग की छवि बिगाड़ने पर नहीं मिलेगी छूट

शिक्षा विभाग के इस नए रुख से साफ है कि अब सोशल मीडिया पर शिक्षकों की आज़ादी भी सेवा अनुशासन के दायरे में रहेगी. विभाग मानता है कि अगर किसी शिक्षक को कोई समस्या है, तो उसके लिए आंतरिक समाधान की व्यवस्था मौजूद है. लेकिन अगर कोई शिक्षक जानबूझकर सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर विभाग की नीतियों को बदनाम करता है, तो अब उसे इसका जवाब देना होगा.

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Anshuman Parashar

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

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