7वां वेतनमान : इंतजार खत्म, 15 दिनों में वेतन आयोग बिहार सरकार को सौंप देगा रिपोर्ट !
Updated at : 21 Apr 2017 6:14 AM (IST)
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पटना : राज्य सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के लिए गठित ‘वेतन आयोग’ ने तमाम कर्मचारी संगठनों और कर्मचारियों से दावा-आपत्ति की सुनवाई पूरी कर ली है.इसके साथ ही आयोग ने कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का लाभ देने से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार करते हुए रिपोर्ट तकरीबन तैयार कर ली […]
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पटना : राज्य सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के लिए गठित ‘वेतन आयोग’ ने तमाम कर्मचारी संगठनों और कर्मचारियों से दावा-आपत्ति की सुनवाई पूरी कर ली है.इसके साथ ही आयोग ने कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का लाभ देने से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार करते हुए रिपोर्ट तकरीबन तैयार कर ली है. 15 दिनों के अंदर इस रिपोर्ट को सरकार के पास सौंप देने की पूरी संभावना है. इसके बाद राज्य सरकार इसमें की गयी तमाम अनुशंसाओं पर गंभीरतापूर्वक मंथन करने के बाद इसे लागू करेगी. हालांकि यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि कुछ एक बातों को छोड़कर रिपोर्ट में उल्लेखित अन्य सभी बातों को लागू कर दिया जायेगा. इसमें सबसे अहम होगा, राज्य सरकार के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान का लाभ देने से जुड़ी बात. कर्मचारियों को उनके मूल वेतन में 2.57 से गुना करने पर जो परिणाम आयेगा, इसके आधार पर ही इन्हें सातवां वेतनमान में वेतन बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा.
जनवरी, 2016 से नोशनल का लाभ : कर्मचारियों को जनवरी, 2016 से इसका लाभ नोशनल (अनुमानित) के रूप में तथा जनवरी, 2017 से इसका आर्थिक लाभ कर्मचारियों को मिलेगा. यानी सरकार जिस दिन से भी इसे लागू करने की घोषणा करेगी, जनवरी, 2017 से ही कर्मचारियों को एरियर जोड़कर दिया जायेगा. हालांकि इन्हें नोशनल के रूप में इसका लाभ मिलने से सर्विस बुक पर इन्हें जनवरी, 2016 से ही सेवाशर्त से जुड़े सभी लाभ मिलेंगे. इस आधार पर कई श्रेणी के कर्मचारियों को जुलाई, 2017 में एक प्रोन्नति का लाभ मिलेगा.
इस बार 12 महीने का आर्थिक नुकसान : केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में यहां के कर्मचारियों को करीब 12 महीने का वित्तीय स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. फिर भी इससे पहले जब राज्य सरकार ने पांचवां और छठवां वेतनमान की अनुशंसाएं लागू की थीं, तो राज्य कर्मचारियों को 15 महीने या इससे अधिक दिनों का नुकसान उठाना पड़ा था.
इस बार आर्थिक रूप से नुकसान कम उठाना पड़ेगा. वेतन आयोग के समक्ष राज्य के 300 से अधिक कर्मचारी संगठनों और विभिन्न स्तर के कर्मचारियों ने अपनी बात रखी है. इनकी तरफ से प्राप्त तमाम दावा और आपत्तियों की सुनवाई करने के बाद वेतन आयोग ने इनकी कई बातों को अपनी रिपोर्ट में शामिल कर लिया है. आवेदन देने वालों में शिक्षकों के सबसे ज्यादा संगठन थे.इसके अलावा अन्य सभी वर्ग के कर्मचारियों के संगठन शामिल हैं. कई नियोजित कर्मियों के संगठनों ने नियमित वेतनमान या वेतन को सातवां वेतनमान की सिफारिशों के बराबर करने की मांग की है. अधिकांश की अनुशंसा रद्द कर दी गयी हैं.
सातवां वेतनमान के लाभ से पहले राज्य कर्मचारियों को चार फीसदी डीए (महंगाई भत्ता) का लाभ मिलने जा रहा है. राज्य सरकार ने इससे संबंधित रूपरेखा तैयार कर ली है और आगामी कैबिनेट में इस पर मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है. राज्य कर्मचारियों को डीए की मंजूरी मिलने के बाद यहां के कर्मचारियों को इसका लाभ 132 से बढ़कर 136 प्रतिशत हो जायेगा. कर्मचारियों का डीए 136 प्रतिशत हो जायेगा. केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को दो फीसदी डीए देने की घोषणा हाल में ही की है. इसी तर्ज पर राज्यकर्मियों को चार फीसदी डीए देने की घोषणा होने जा रही है.
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