बोले CM नीतीश, रेलवे का केंद्र ने किया बंटाधार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Feb 2017 8:07 AM

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस साल बजट में केंद्र सरकार ने रेलवे का बंटाधार कर दिया है. उन्होंने कहा कि रेल देश को जोड़ता है. आज भी रेल आम लोगों की सवारी है. बजट में सरकार को यह बताना चाहिए कि पिछले साल मिली राशि में कितना खर्च हुुआ? […]

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस साल बजट में केंद्र सरकार ने रेलवे का बंटाधार कर दिया है. उन्होंने कहा कि रेल देश को जोड़ता है. आज भी रेल आम लोगों की सवारी है. बजट में सरकार को यह बताना चाहिए कि पिछले साल मिली राशि में कितना खर्च हुुआ? ऐसे आवंटन का कोई मतलब नहीं होता है.
ऐसे आवंटन को पार्किंग कहा जाता है. उन्होंने सोमवार को लोक संवाद के बाद पत्रकारों से कहा कि मेरे कार्यकाल में दानापुर-लखीसराय- किऊल तीसरी रेल लाइन का स्वीकृति मिली थी. इसके बनने से 10 किमी की दूरी कम हो जाती. इसे पूरा करने पर इसका रेट ऑफ रिटर्न 14.5% होता, पर इसे पूरा नहीं किया गया.
नेउरा, शेखपुरा और बाढ़-करनौती रेल लाइन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसे क्यों नहीं पूरा किया गया? भागलपुर में डिविजनल हेडक्वार्टर बनने का क्या हुआ? सीएम ने कहा कि यह रेल बजट तो है ही नहीं. इसमें न सोच है और न ही नजरिया है. रेल की सफाई का क्या हुआ? पहले जो थ्री टायर की सफाई होती थी, वह आज थर्ड एसी में भी नहीं होती है. सिर्फ फेसबुक और ट्विटर पर शिकायत सुनने से रेलवे का भला नहीं होनेवाला है. बायो टायलेट तो पहले से ही दक्षिण भारत के रेल में है.
किसानों की आय ग्रुप डी के कर्मचारी से भी कम : मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने पांच साल में किसानों की आमदनी दोगुना करने की घोषणा की थी. स्थिति यह है कि किसानों की आमदनी ग्रुप डी की कर्मचारी से भी कम है. जब पांच साल में किसानों की आमदनी दोगुनी होगी, तब तक रुपये की वेल्यू कम हो चुका होगा. ऐसे भी केंद्र सरकार के स्कीम से कुछ होनेवाला भी नहीं है.
एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए पांच साल में एक शहर को पांच करोड़ वे देंगे. इतने कम राशि से क्या होगा? हम तो कहेंगे कि हमलोग सिटी को स्मार्ट बनाने के लिए एक शहर उन्हीं हो दे दें. उन्होंने कहा कि वे लोग बोलने में इतना माहिर हैं कि किसी को भी बांध लेते हैं.
सात निश्चय कोई जुमला नहीं, कामयाब रहा निश्चय यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय कोई जुमला नहीं है. इसे अमल में लाया जा रहा है. हर घर नल, बिजली का कनेक्शन, पक्की सड़क और शौचालय गांव से शहर तक के लिए लागू है. खुले में शौच के विरुद्ध अभियान चल रहा है.
बड़ी संख्या में वार्ड से लेकर अनुमंडल तक खुले में शौच से मुक्त इलाका घोषित किया जा रहा है. इसके लिए जनजागरण चलाया जा रहा है. विभिन्न जिलों और प्रखंडों में खुले में शौच से मुक्त होने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इसे लागू करने के लिए ग्राउंड लेवल पर जाकर इसकी समीक्षा हो रही है. ग्राउंड पर अधिकारी के साथ जहां समीक्षा करते हैं, वहीं पटना में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाती है.
निश्चय यात्रा को कामयाब बताते हुए उन्होंने कहा कि सोमवार को पटना में इसका समापन होगा. इसके बाद इसकी समीक्षा की जायेगी. यात्रा के दौरान भी लोक शिकायत निवारण केंद्र और आरटीपीएस केंद्र का मैंने निरीक्षण किया. शिकायत निवारण अधिकार कानून के तहत छह माह में 1.13 लाख मिले शिकायतों में से 90 हजार का 60 दिनों के अंदर निबटारा किया गया.
अब तो राज्य के किसी शिकायत निवारण केंद्र में आवेदन लेने और कार्रवाई को पटना से देखने तक का इंतजाम कर लिया गया है. अब जिला निबंधन सह परामर्शी केंद्र पर युवाओं को पैन, आधार और ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी जा रही है. अब युवाओं की काउंसेलिंग के लिए एक घंटा समय दिया जायेगा.
कमल में रंग भरने से लेकर फिल्म पद्मावती पर बोले मुख्यमंत्री
पटना पुस्तक मेला में पद्मश्री बउवा देवी द्वारा बनाये कमल के चित्र में रंग भरने संबंधी प्रश्न पर सीएम ने कहा, आप लोगों को संतुलित लोग समझते हैं, पर आप लोग भी इस तरह के सवाल पूछते हैं. आयोजक ने इसके लिए अनुरोध किया था. यह कोई प्रश्न है? पद्मावती फिल्म की शूटिंग को लेकर मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और जय कुमार सिंह के बीच विवाद पर उन्होंने कहा कि उत्तेजना फैलानेवाली फिल्म को हम अच्छा नहीं मानते, यह सब एक पब्लिसिटी का मामला है. इन दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई है, हमें मालूम नहीं है.
रघुवंश पर सवाल का जवाब जदयू कार्यालय में
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में हमलोगों का महागंठबंधन यूनिक है. इस तरह के महागंठबंधन को लोग पसंद करते हैं. यूपी में ऐसा नहीं है. हमने पूर्व में भी कहा था कि यदि सपा, बसपा और कांग्रेस का गंठबंधन होता, तो हम कहते कि वह महागंठबंधन है. पर, ऐसा तो वहां है नहीं.
राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के विरोध और राजद द्वारा उन पर कार्रवाई नहीं करने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ऐसे प्रश्नों का जवाब जदयू कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दिया जायेगा, आज यह मौका नहीं है
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