खुशखबरी : AIIMS पटना में मात्र 3 हजार रुपये में ब्रेन व हार्ट की जांच
Updated at : 23 Jan 2017 6:49 AM (IST)
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पटना : फरवरी से एम्स, पटना में दो नयी सुविधाएं मिलनी शुरू जायेंगी. पहली सुविधा ब्रेन व हार्ट जांच, तो दूसरी एमआरआइ की है. ब्रेन व हार्ट की जांच फरवरी के अंतिम में, तो एमआरआइ जांच की सुविधा फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू होगी. अच्छी बात तो यह है कि ब्रेन और हार्ट की […]
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पटना : फरवरी से एम्स, पटना में दो नयी सुविधाएं मिलनी शुरू जायेंगी. पहली सुविधा ब्रेन व हार्ट जांच, तो दूसरी एमआरआइ की है. ब्रेन व हार्ट की जांच फरवरी के अंतिम में, तो एमआरआइ जांच की सुविधा फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू होगी. अच्छी बात तो यह है कि ब्रेन और हार्ट की जांच के लिए जहां मरीजों को मात्र तीन हजार रुपये देने होंगे. वहीं, एमआरआइ की जांच एक हजार से पांच हजार रुपये के बीच हो जायेगी. अस्पताल में दोनों ही मशीनें आ चुकी हैं. आठ करोड़ की लागत से डिजिटल सब ट्रैक्शन एंजियोग्राफी मशीन खरीदी गयी है. साथ ही दोनों मशीनों से होनेवाली जांच फीस भी निर्धारित कर दी गयी है.
प्रदेश का पहला अस्पताल, जहां लगी मशीन : प्रदेश में एम्स पहला संस्थान होगा, जहां यह मशीन स्थापित की गयी है. हालांकि, शहर के तीन निजी और दो सरकारी अस्पतालों में एंजियोग्राफी की सुविधा है. लेकिन, अत्याधुनिक डिजिटल सब ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) मशीन नहीं है. बाजार में इस मशीन से जांच में मरीजों को 10 से 11 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं.
एमआरआइ जांच की सुविधा सबसे पहले पीएमसीएच में शुरू की गयी. इसके बाद आइजीआइएमएस में शुरू हुई. लेकिन, दोनों ही अस्पतालों में लगी एमआरआइ मशीन की तुलना में एम्स की मशीन काफी हैवी व अत्याधुनिक है. क्योंकि, यहां थ्री टेस्ला मशीन स्थापित की गयी है. थ्री टेस्ला मशीन पटना के एक मात्र प्राइवेट अस्पताल में है. बाजार में इस मशीन से जांच कराने पर 10 से 12 हजार रुपये लगते हैं.
इनकी भी होगी जांच
ब्रेन हेमरेज, खून का थक्का जमना, पैर सून होना और नसों का नीला होना, गरदन में ट्यूमर और हार्ट अटैक के बाद हृदय पर प्रभाव जैसी बीमारियों की डिजिटल मशीन के जरिये जांच की जायेगी. वहीं, एमआरआइ मशीन से सिटी स्कैन के अलावा शरीर के अधिक-से-अधिक पार्ट की जांच की जायेगी.
उपयोगी है यह मशीन
डिजिटल सब ट्रैक्शन एंजियोग्राफी मशीन न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और हृदय रोग विभाग के लिए उपयोगी है. अब तक ब्रेन और हृदय से जुड़ी बीमारियों का अलग-अलग परीक्षण कराना पड़ता था. लेकिन, इस मशीन से एक साथ कई बीमारियों की जांच हो सकेगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
रेडियोलॉजी विभाग में डिजिटल सब ट्रैक्शन एंजियोग्राफी व एमआरआइ मशीन आ चुकी है. इस महीने के अंत में इससे ट्रॉयल भी शुरू कर दिया जायेगा. फरवरी महीने में दोनों मशीनों से जांच शुरू हो जायेगी. दिल्ली, एम्स की तरह यहां भी जांच शुल्क निर्धारित कर दी गयी है.
डॉ उमेश भदानी, अधीक्षक, एम्स, पटना
25 जनवरी से आइजीआइएमएस में इमरजेंसी कॉर्डियक केयर की सुविधा
पटना. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में 25 जनवरी से कॉर्डियक इमरजेंसी केयर की सुविधा मिलने लगेगी.
इसका उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव करेंगे. इसके शुरू होने से दिल के मरीजों की आपात स्थिति में इलाज कार्डियक इमरजेंसी में ही हो सकेगा. छह बेड की सीसीयू का भी उद्घाटन होगा. ऐसे में अब ह्रदय रोगियों को 24 घंटे डॉक्टर और भरती होने की सुविधा मिलने लगेगी. ह्रदय रोग विभाग के एचओडी डॉ वीपी सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव द्वारा कॉर्डियक केयर यूनिट का उद्घाटन बोअोजी की बैठक के पहले सुबह 11:30 बजे किया जायेगा.
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