नाव हादसा : जांच शुरू, तय होगी जिम्मेदारी, बोले सीएम-बख्शे नहीं जायेंगे दोषी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 16 Jan 2017 7:47 AM
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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नाव हादसे में जो भी दोषी होंगे, सरकार उन्हें नहीं बख्शेगी. रविवार को 1, अणे मार्ग पर उन्होंने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. करीब दो घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि प्रकाश पर्व और कालचक्र पूजा के सफल आयोजन के बाद मकर संक्रांति […]
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पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नाव हादसे में जो भी दोषी होंगे, सरकार उन्हें नहीं बख्शेगी. रविवार को 1, अणे मार्ग पर उन्होंने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. करीब दो घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि प्रकाश पर्व और कालचक्र पूजा के सफल आयोजन के बाद मकर संक्रांति पर इस आयोजन में आखिर चूक कहां रह गयी? मुख्यमंत्री ने देर शाम तक राहत और बचाव की समीक्षा की और हादसे की जांच जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी हाल में दोषी बचने नहीं पाएं.
बैठक के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने संवाददाता सम्मेलन में सीएम के निर्देशों की जानकारी दी. कहा, दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गयी है, जिसमें आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और डीआइजी शालीन को शामिल किया गया है.
पटना के डीएम अब जांच टीम नहीं होंगे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि ऐसे आयोजनों के लिए जब पहले से एसओपी तैयार है, तो इसका पालन क्यों नहीं किया गया? माइक्रो लेवल पर प्लानिंग क्यों नहीं हुई? उन्होंने फतुहा में नदी थाना के अब तक काम नहीं करने पर भी अधिकारियों को फटकारा और डीजीपी को जल्द इस थाने को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का आदेश दिया. साथ ही वैशाली में एसडीआरएफ की एक यूनिट तैनात करने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री को जानकारी दी गयी कि 24 शवों को निकाला गया है और सबकी शिनाख्त हो चुकी है. अब कोई लापता नहीं है. डीएम संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि सभी 24 मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख का मुआवजा दे दिया गया है.
प्रत्यय अमृत ने बताया कि जांच कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. टीम ने जांच शुरू कर दी है. पटना व सारण के डीएम से बात हुई है. उनसे कागजात भी लिये गये गये हैं. मौके पर तैनात दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों के अलावा आम लोगों से भी बात होगी. पूरे आयोजन में अधिकारियों का क्या रोल रहा, इसकी भी जांच होगी. एसडीआरएफ के 10 बोट वहां लगे थे. इसकी भी जांच होगी कि शाम चार बजे के बाद नाव नहीं चलेगी, इसकी घोषणा हुई थी कि नहीं और हुई थी, तो किसके कहने पर. नावों का निबंधन क्यों नहीं होता है?
बैठक में पर्यटन मंत्री अनिता देवी, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, आपदा प्रबंधन प्राधिकार के उपाध्यक्ष व्यासजी, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी पीके ठाकुर, गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, डीजी होमगार्ड पीएन राय, पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव हरजोत कौर, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव अतीश चंद्रा व मनीष कुमार वर्मा, डीआइजी पटना शालीन, डीआइजी सारण अजीत कुमार, , और पटना, सारण और वैशाली के डीएम एसपी व डीआइजी मौजूद थे.
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