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नीतीश ने प्रकाश पर्व और कालचक्र पूजा से नौका हादसे की तुलना किए जाने पर अफसोस जताया

Updated at : 16 Jan 2017 7:32 AM (IST)
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नीतीश ने प्रकाश पर्व और कालचक्र पूजा से नौका हादसे की तुलना किए जाने पर अफसोस जताया

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मकर संक्रांति पर हुए हादसे को ‘व्यक्तिगत हानि’ बताते हुए आज कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा पतंगबाजी के आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किए जाने के लिए निकाले गए विज्ञापन में उनकी तस्वीर छापी गयी थी पर पंतग उत्सव का इस कार्यक्रम को उनके संज्ञान […]

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मकर संक्रांति पर हुए हादसे को ‘व्यक्तिगत हानि’ बताते हुए आज कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा पतंगबाजी के आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किए जाने के लिए निकाले गए विज्ञापन में उनकी तस्वीर छापी गयी थी पर पंतग उत्सव का इस कार्यक्रम को उनके संज्ञान में नहीं लाया गया था.

नाव दुर्घटना काफी दुखद : नीतीश
पटना में आज आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के पश्चात नीतीश ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पुछे गये प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि जो नाव दुर्घटना हुई है, वह काफी दुखद है. इस घटना से उन्हें गहरा सदमा लगा है. हमारी संवेदना प्रभावित परिवारों के साथ है. हम लोग जीवन को वापस तो नहीं ला सकते, किन्तु उनके परिजनों को जो राहत मिल सकता है, उसके तहत अनुग्रह अनुदान उपलब्ध करायी गयी है.

दुर्घटना के हर पहलुआें की हो रही जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौका दुर्घटना के हर पहलुओं की जांच हो रही है. इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत और वरीय भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी शालीन को जांच का दायित्व दिया गया है. नीतीश ने जो भी घटना घटी है उस से हर आदमी दुखी है. जांच पूरी कोई कमी नहीं रहेगी. न कोई चेहरा और न कोई चीज सामने रहनी चाहिए. जांच में जिम्मेदारी का निर्धारण होता है और उसका दूसरा पहलू होता है कि भविष्य में ऐसी घटना न घटे. जांच कमेटी हर पहलू पर जांच करेगी और जांच रिपोर्ट पर यथोचित कार्रवाई होगी.

पर्यटन विभाग ने पतंग उत्सव के तौर पर एक कार्यक्रम का किया था आयोजन
नीतीश ने कहा कि पर्यटन विभाग ने पतंग उत्सव के तौर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया था. विज्ञापन निकालकर उसका प्रचार भी किया था और अच्छी खासी संख्या में वहां लोग गये भी थे. उन्होंने कहा कि उन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है कि विज्ञापन निकालकर आपने लोगों को आमंत्रित किया तो फिर उनके वहां पहुंचने का और वापस भेजने का क्या प्रबंध था. कल सभी अधिकारियों को बुलाकर पूछा है और एक-एक पहलू की जानकारी प्राप्त की है तथा जांच का भी आदेश दे दिया. इसके हर पहलू की जांच होगी कि कोई भी कार्यक्रम होता है उसके हर पहलू पर तैयारी करना चाहिए यह हमारे सुशासन का सिद्धांत है और इस पर आज नहीं प्रारंभ से अमल कर रहे हैं.

हर कार्यक्रम मेरे स्तर या मेरे कार्यालय के स्तर पर नहीं होता
नीतीश ने कहा, ‘आप सभी जानते हैं हरेक कार्यक्रम मेरे स्तर या मेरे कार्यालय के स्तर से नहीं होता है लेकिन जब भी कोई राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम होते हैं उसकी मुख्य सचिव के स्तर से निरंतर निगरानी की जाती है और उसके बारे में समय-समय पर मैं जानकारी लेता हूूं और उसी का परिणाम प्रकाश पर्व और कालचक्र पूजा का सफल आयोजन. ‘उन्हाेंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक तरफ कालचक्र पूजा के समापन में आयोजनकर्ता और स्वयं परम पावन आदरणीय दलाई लामा जी सहयोग और इंतजाम के लिए जिला प्रशासन और पुलिस महकमे की प्रशंसा कर रहे थे लेकिन एक चूक ने उन सारी चीजों को पृष्ठभूमि में धकेेल दिया.

प्रकाश पर्व और कालचक्र पूजा से तुलना अफसोसजनक
मकर संक्रांति के अवसर हुए इस नौका हादसे की तुलना प्रकाश पर्व और कालचक्र पूजा से किए जाने पर अफसोस जताते हुए नीतीश ने कुछ टीवी चैनलों पर दुख की इस घड़ी में अपने मन की ‘भड़ास’ निकालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कोई घटना घटेगी तो आप तो खबर चलाएंगे पर मेरी क्या मन: स्थिति हुई होगी, इसकी भी परिकल्पना करने की कोशिश कीजिएगा.

नीतीश ने कहा कि 14 जनवरी को बोधगया में कालचक्र पूजा समापन समारोह में भाग लेकर वे अपराह्न करीब 3.20 बजे पटना लौटे और उसके तीन-चार घंटे के बाद उन्हें इस हादसे की सूचना मिलती है. उस पृष्ठभूमि में उनके मन पर कैसा प्रभाव पड़ा होगा, जिसे लोग समझ सकते हैं.

दुर्घटना को कोई टाल नहीं सकता
नीतीश ने कहा, ‘‘इस प्रकार का लोगों के मनोरंजन के लिए सरकार या गैर सरकारी कोई भी आयोजन होता है तो उसके विविध पहलुओं को गौर किया जाना चाहिए और मैं मानता हूं कि जब किसी आयोजन में एक साथ तीन चूक होगी तो दुर्घटना को कोई टाल नहीं सकता है.’ नीतीश ने कहा कि भविष्य के लिए ऐसे कार्यक्रम के लिए एक ठोस मापदंड बनाया जाएगा. अब ऐसी जगहों पर बिना मुख्य सचिव की अनुमति लिये कोई भी विभाग इस प्रकार का आयोजन नहीं करेगा.

यह पूछे जाने पर कि दियार इलाके में पतंग उत्सव की पूर्व में शुरुआत उन्होंने की थी और क्या उन्हें इस साल हो रहे पतंग उत्सव की जानकारी थी, नीतीश ने कहा कि पतंग उत्सव की शुरुआत राजग शासन काल के दौरान उन्होंने की थी और उसमें शामिल भी हुए थे पर हर साल यह हो रहा है और इस साल हो रहा है या नहीं यह व्यक्तिगत तौर पर मेरे संज्ञान में थोड़े ही है. हर कार्यक्रम संज्ञान में हो.

बड़े कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रितथा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वे प्रकाश पर्व, कालचक्र पूजा और निश्चय यात्रा पर हैं तथा शराबबंदी के पक्ष में आगामी 21 जनवरी को बनने होने वाली मानव श्रृंखला जिसमें 2 करोड़ लोग शामिल होंगे जैसे बड़े कार्यक्रमों पर इन दिनोंउनका ध्यान केंद्रित था. भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के नौका हादसे के मद्देनजर मानव श्रृंखला का आयोजन 21 जनवरी के बजाय उसे 26 जनवरी के बाद किए जाने की बात कहे जाने की मांग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि यह कोई मांग है.

भाजपा पर निशाना
सुशील पर निशाना साधते हुए नीतीश ने कहा, ‘पब्लिक स्टेटमेंट दीजिएगा कुछ और भीतर से पेंच लगाते रहिएगा. आप लोग एक बात बताएं कभी भाजपा वालों से पूछा है कि उत्तरप्रदेश में कितनी बड़ी रेल दुर्घटना हुई थी पर उसमें बिहार से अधिक उत्तर प्रदेश के लोगों की जान गयी थी. हमने अपना रिपोर्ट कार्ड स्थगित कर दिया था, पर उत्तर प्रदेश में भाजपा ने क्या अपना कार्यक्रम स्थगित किया. इस तरह की बात करने से पहले कुछ सोचना भी चाहिए.’

21 जनवरी को बनेगी मानव श्रृंखला
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव श्रृंखला बिल्कुल सामाजिक अभियान है और यह सरकार द्वारा प्रायोजित है. उन्होंने कहा कि वे कल संध्या से 20 जनवरी तक जमुई, मुंगेर, बांका, भागलपुर की निश्चय यात्रा पर रहेंगे. 21 जनवरी को 12.15 बजे अपराह्न से एक बजे अपराह्न तक मानव श्रृंखला बनेगी. 11 हजार किलोमीटर से लम्बी मानव श्रृंखला होगी.

उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव के स्तर से इसका अनुश्रवण किया जा रहा है. शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार इस कार्य में लगी हुयी है. इस मानव श्रृंखला में बिहार की जनता शामिल होगी. इस मानव श्रृंखला में जो दल शामिल होंगे उनको राज्य सरकार की ओर से धन्यवाद.

मानव श्रृंखला जबरदस्त कार्यक्रम
नीतीश ने कहा कि यह जबरदस्त कार्यक्रम है और यह एक इतिहास बनेगा और सामाजिक बदलाव का प्रतीक भी साबित होगा. उन्होंने कहा कि वे स्वामी विवेकानन्द की उक्ति को बराबर उदधृत करते हैं कि किसी भी अच्छे काम का पहले मजाक बनाया जाता है, फिर उसका विराध होता है और फिर बाद में सब साथ आ जाते हैं. नीतीश ने आशा प्रकट कि 21 जनवरी को सब साथ आ जायेंगे और हम शराबबंदी से नशा मुक्ति की ओर पहुंचने में कामयाब होंगे.

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