कैशलेस इकोनामी भारत में संभव नहीं : नीतीश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Dec 2016 9:05 PM

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पटना : कालेधन के खिलाफ मुहिम में 500 और 1000 रुपये के नोटों पर रोक के साथ बेनामी संपत्ति और शराब के अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाने से इसके परिणाम को लेकर बहुत आशावादी नहीं रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेसोमवार को कहा कि वह नोटबंदी के प्रभावों के विभिन्न आंकड़ों का 50 […]

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पटना : कालेधन के खिलाफ मुहिम में 500 और 1000 रुपये के नोटों पर रोक के साथ बेनामी संपत्ति और शराब के अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाने से इसके परिणाम को लेकर बहुत आशावादी नहीं रहे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नेसोमवार को कहा कि वह नोटबंदी के प्रभावों के विभिन्न आंकड़ों का 50 दिनों के बाद विश्लेषण करेंगे. साथ ही मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने कहा कि कैशलेस इकोनामी भारत में संभव नहीं है.

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नोटबंदी के फैसले का स्वागत किया था. मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभाकक्ष में आज लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे गये प्रश्न का उत्तर देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि केवल नोटबंदी से काले धन पर रोक नहीं लगेगी. पूरे देश में शराबबंदी लागू करनी चाहिये. बहुत सारा काला धन शराब के अवैध व्यापार में शामिल है.

काले धन पर संगठित रूप से प्रहार करना होगा:नीतीश

सीएम नीतीश ने कहा कि काले धन पर संगठित रूप से प्रहार करना होगा. बेनामी संपति, हीरा जवाहरात आदि सभी अवैध रूप से अर्जित संपति पर कार्रवाई करनी होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि कैशलेस इकोनामी भारत में संभव नहीं है. जैसे-जैसे हम विकसित होंगे वैसे-वैसे नकदी का लेनदेन कम होता जायेगा. उन्होंने कहा कि विकसित देशों जैसे अमेरिका में भी 40-45 प्रतिशत से अधिक कैशलेस की स्थिति नहीं है.

30 दिसंबर के बाद नोटबंदी के प्रभावों का किया जायेगा विश्लेषण

मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने कहा कि अभी उनकी प्राथमिकता कालचक्र एवं प्रकाश उत्सव का सफल आयोजन है. 30 दिसंबर के बाद नोटबंदी के प्रभावों के विभिन्न आंकड़ों का विश्लेषण किया जायेगा. उन्होंने राजनीतिक पार्टियों को दो हजार से अधिक बेनामी चंदा पर रोक के चुनाव आयोग के सुझाव का समर्थन किया. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश ने कहा कि दो हजार ही क्यों अगर एक रुपये का भी चंदा दिया जाता है तो चंदा देने वाले के नाम का उल्लेख होना चाहिये.

नये सेना प्रमुख की नियुक्ति पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया

नये सेना प्रमुख विपिन रावत की नियुक्ति को लेकर उत्पन्न विवाद के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी पर कहा कि सेना और न्यायपालिका को विवाद से दूर रखना पड़ता है. विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बारे में उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है. न्यायपालिका में रिक्तियों के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत में स्वतंत्र न्यायपालिका की अवधारणा है. न्यायाधीशों के पद पर नियुक्ति नहीं होना ठीक नहीं है.

ममता के बयान पर टिप्पणी से किया इनकार
विपक्षी दलों द्वारा नोटबंदी का विरोध किए जाने के बीच त्रृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री से मिलने पर उनपर प्रहार किए जाने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कोई सीधी टिप्पणी करने से इंकार करते हुए केवल इतना कहा कि यह दो दलों के बीच की बात है, ऐसे में इस बारे में क्या कह सकते हैं.

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