आरती में सिक्कों के बजाय पेटीएम में गिर रहा नोट, पंडितजी कैशलेस ले रहे दक्षिणा
Updated at : 15 Dec 2016 2:38 AM (IST)
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पटना : नोटबंदी के बाद कई लोगों की जिंदगी भी बदल गयी है. कुछ ऐसा ही बदलाव आया है पटना के रहनेवाले पंडित हरेकृष्ण झा शास्त्री के जीवन में भी. शास्त्री जी पटना के एेतिहासिक दरभंगा हाउस काली मंदिर के पुजारी हैं. मंदिर में होनेवाली शादी, मुंडन और पूजा पाठ से इनकी रोजी-रोटी चलती है. […]
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पटना : नोटबंदी के बाद कई लोगों की जिंदगी भी बदल गयी है. कुछ ऐसा ही बदलाव आया है पटना के रहनेवाले पंडित हरेकृष्ण झा शास्त्री के जीवन में भी. शास्त्री जी पटना के एेतिहासिक दरभंगा हाउस काली मंदिर के पुजारी हैं. मंदिर में होनेवाली शादी, मुंडन और पूजा पाठ से इनकी रोजी-रोटी चलती है. नोटबंदी के 10 दिनों तक पूजा-पाठ का खर्च भी बमुश्किल निकाल पा रहे थे. लेकिन उसके बाद शास्त्री जी ने भी खुद को अपडेट किया एक मित्र की सलाह पर पेटीएम लगा ली. इसके बाद शास्त्री जी की परेशानी तो दूर हुई ही, यजमान भी खुश हो गये. फिर से मंदिर परिसर में मंत्र भी गूंजने लगे और साथ ही पंडित जी के ऑनलाइन वॉलेट में गूंजने लगी ऑनलाइन सिक्कों की खनक.
बदलते जमाने के साथ बदलना पड़ता है : पंडित हरेकृष्ण झा कहते हैं कि बदलते जमाने के साथ बदलना पड़ता है. हम इसी को ध्यान में रखते हुए पेटीएम लगाये हैं. जो लोग आते थे उनके पास दो हजार के नोट होते थे. हमको भी दिक्कत होती थी और उनको भी. इससे आमदनी घट गयी थी. अब इसी से जब घर चलता है, तो हमें बदलाव लाना ही था. इसे ध्यान में रखते हुए पेटीएम लगाया है. इसमें जैसे ही पैसा जमा हो जाता है, तो हम उसको तुरंत बैंक में ट्रांसफर कर देते हैं. इससे हमारी परेशानी खत्म हो गयी है.
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