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BJP की जमीन खरीद की सीबीआइ जांच हो : राबड़ी

Updated at : 30 Nov 2016 7:09 AM (IST)
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BJP की जमीन खरीद की सीबीआइ जांच हो : राबड़ी

पटना : विधान परिषद में सदन के अंदर राबड़ी देवी आक्रामक तेवर में नजर आयीं. वहीं बाहर उन्होंने विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर असंसदीय शब्दों का प्रयोग कर राजनीतिक माहौल गरमा दिया. उन्होंने भाजपा को काले धन का संरक्षक करार दिया. राबड़ी ने कहा कि पार्टी कार्यालय के […]

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पटना : विधान परिषद में सदन के अंदर राबड़ी देवी आक्रामक तेवर में नजर आयीं. वहीं बाहर उन्होंने विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर असंसदीय शब्दों का प्रयोग कर राजनीतिक माहौल गरमा दिया. उन्होंने भाजपा को काले धन का संरक्षक करार दिया. राबड़ी ने कहा कि पार्टी कार्यालय के लिए भाजपा द्वारा जमीन खरीद की सीबीआइ जांच करायी जाये. भाजपा नेताओं ने काले धन से जमीन की खरीद की है.
राबड़ी ने लालू प्रसाद और सोनिया के खिलाफ टिप्पणी के लिए भाजपा के मंगल पांडेय और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को माफी मांगे जाने तक सदन की कार्यवाही नहीं चलने देने की धमकी दी. लालू प्रसाद पर भ्रष्टाचार के आरोप पर उन्होंने कहा कि भाजपा के सदस्य गलत आरोप लगा रहे हैं.सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कुछ असंसदीय शब्द (खास संबंध का हवाला देते हुए) कह दिया. जब संवाददाताओं ने नीतीश कुमार के पीएम नरेंद्र मोदी के साथ नजदीकी संबंध को लेकर प्रश्नों के जवाब में राबड़ी देवी ने आपा खो दिया और आपत्तिजनक बयान दे दिया.
राबड़ी देवी ने अपने बयान में नीतीश कुमार के साथ-साथ सुशील मोदी को निशाना बनाते हुए दोनों को रिश्तेदार बन जाने तक की बात कह दी. राबड़ी देवी के इस आपत्तिजनक बयान के बाद राजनीति तेज हो गयी तो तुरंत बयान का खंडन भी आ गया. राबड़ी देवी ने कहा कि मैंने मजाक के लहजे में सुशील मोदी के बारे में कहा कि वो नीतीश जी को गोदी में उठाकर ले जाएं. राजनीति में हंसी-मजाक चलते रहता है. उन्होंने कहा कि इसमें आपत्ति की बात क्या है. इसके पहले उन्होंने सदन के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला किया.
आत्मसंयम बरते नेता : जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि नेताओं को संयम और अनुशासन बरतना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में ऐसे बयान नहीं चलते हैं.
विप नहीं चलने से यह सवाल रहे अनुत्तरित
रणविजय कुमार सिंह- राज्य के अस्पतालों में तथा एनजीओ के माध्यम से जेनरिक दवा उपलब्ध कराने के संबंध में.
प्रो नवल किशोर यादव- बिहार सचिवालय आशुलिपिक संवर्ग के 35 कर्मियों के अतिरिक्त शेष कर्मियों को वेतन संरक्षण देने के संबंध में.
राधाचरण साह- कबीर अंत्येष्टि अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने के संबंध में.
संजय प्रसाद- दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से जमुई प्रखंड के सनकुरहा ग्राम में विद्युत शक्ति उपकेंद्रों में निर्माण की प्रक्रिया नहीं अपनाये पर ध्यान आकृष्ट.
– लाल बाबू प्रसाद- विभिन्न कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलने के संबंध में.
– शिवप्रसन्न यादव सहित अन्य छी सदस्य- बिहार विधान मंडल के सदस्यों, पूर्व सदस्यों व कर्मियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति नियम के सरलीकरण के संबंध में.
– सच्चिदानंद राय- सारण जिला में मांझी प्रखंड स्थित नंदलाल सिंह कॉलेज से जैतपुर-सोनवर्षा होते हुए मांझी प्रखंड मुख्यालय तक सड़क निर्माण.
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