नीतीश समर्थन मांगें, भाजपा देने को है तैयार : सुशील मोदी

Updated at : 30 Nov 2016 7:07 AM (IST)
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नीतीश समर्थन मांगें, भाजपा देने को है तैयार : सुशील मोदी

पटना : विधान परिषद में विरोधी दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राजद और कांग्रेस से संबंध पर पुनर्विचार करना चाहिए. मंगलवार को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राजद की भ्रष्टाचार में डूबी पार्टी की छवि रही […]

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पटना : विधान परिषद में विरोधी दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राजद और कांग्रेस से संबंध पर पुनर्विचार करना चाहिए. मंगलवार को सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राजद की भ्रष्टाचार में डूबी पार्टी की छवि रही है. राजद को नैतिकता से कोई लेना देना नहीं है. कांग्रेस के दस साल के शासन में भी कई घपले-घोटाले हुए. कई मंत्रियों को जेल जाना पड़ा. इसलिए नीतीश कुमार इन दलों के साथ रहकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहिम चलाना संभव नहीं होगा.
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बयानों से नाराज मोदी ने कहा कि राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री के चरित्र पर सवाल उठाया है. इसके लिए नीतीश कुमार को ही इसका जवाब देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार यदि अपनी सरकार बचाने के लिए भाजपा से समर्थन मांगते हैं तो हम इसके लिए तैयार हैं. उन्होंने नीतीश कुमार द्वारा राजनीतिक हत्या कहने संबंधित प्रश्न के जवाब में कहा कि यदि वे लालू प्रसाद के साथ रहेंगे तो जरूर उनकी राजनीतिक हत्या होगी. वे तो सबसे अधिक आरामदेह भाजपा के साथ ही रहे. भाजपा के साथ उनका सबसे अधिक समय संबंध रहा. 17 साल तक हमारे साथ रहे. वह उनका स्वर्णकाल था.
एक प्रश्न के जवाब में मोदी ने कहा कि राजनीति में कौन किसके साथ रहेगा कहा नहीं जा सकता है. रेल मंत्री के रूप में वे वाजपेयी जी की मंत्रिमंडल में बेहतर काम किये. उन्होंने कहा कि ऐसे भी नीतीश कुमार को किसी के साथ जाने में परहेज नहीं है. यदि वे भाजपा से सरकार चलाने के लिए समर्थन मांगेंगे ताे पुनर्विचार किया जायेगा. एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की अमित शाह और मोदी से बातचीत की कोई जानकारी नहीं है. यह ऊपर की बात है, हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है. मोदी ने कहा कि भाजपा विधान परिषद में धान खरीद नहीं होने के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने वाली थी, लेकिन सदन की कार्यवाही नहीं चली. उन्होंने कहा कि राज्य के दस जिलों में 15 नवंबर से धान की खरीद चल रही है, पर अब तक एक छटांक भी धान की खरीद नहीं हो सकी है.
मोदी ने कहा कि सहकारिता मंत्री ने घोषणा किया था कि धान में नमी को दूर करने के लिए धान सुखाने की मशीन की खरीद में होगी. इसके बावजूद ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया गया. राज्य सरकार ने अब तक धान खरीद का कोई लक्ष्य तक तय नहीं किया है. इसके कारण राज्य से लगभग चार-पांच सौ ट्रक धान प्रतिदिन पंजाब जा रहा है. वहीं धान का चावल बिहार के पीडीएस में आयेगा, लेकिन इसका लाभ यहां के किसानों को नहीं मिल सकेगा.
मोदी ने कहा कि धान की खरीद के लिए चार हजार करोड़ की जगह राज्य सरकार ने मात्र सात सौ करोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि चुनाव के वक्त राज्य सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल तीन सौ रुपये बोनस दिया था, पर चुनाव नहीं होने के कारण किसानों को धान की खरीद पर कोई बोनस नहीं दिया जा रहा है. किसानों को पिछले 2011-12 से 2015-16 तक फसल बीमा क्षति का 20301 करोड़ रुपये नहीं दिया गया है. धान की कुटाई के लिए अब तक संबंद्ध नहीं किया गया है.
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