पटना यूनिवर्सिटी में पीएचडी एडमिशन को लेकर विवाद,छात्रों का फूटा गुस्सा—UGC नियम लागू करने की मांग

प्रदर्शन करते छात्रों की तस्वीर
Patna News: पीएचडी नामांकन को लेकर पटना यूनिवर्सिटी में छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्रों का आरोप है कि यूजीसी नियमों की अनदेखी कर योग्य अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है.
Patna News: पटना यूनिवर्सिटी में पीएचडी नामांकन को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर आरोप लगाया कि यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार नामांकन नहीं लिया जा रहा है. जिससे योग्य उम्मीदवारों को नुकसान हो रहा है.
मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि गणित विभाग में सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा पास अभ्यर्थियों का नाम पहले मेरिट लिस्ट में शामिल किया गया था. लेकिन बाद में पहली मेरिट लिस्ट को रद्द कर दूसरी सूची जारी की गई. जिसमें कई योग्य छात्रों के नाम हटा दिया गया.
छात्रों के मुताबिक, यह फैसला यूजीसी के नियमों के खिलाफ है. इससे उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है. इससे छात्रों का साल बर्बाद हो रहा है.
अन्य यूनिवर्सिटी का दिया उदाहरण
छात्रों ने बताया कि पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी और ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी में सीएसआईआर-यूजीसी नेट पास अभ्यर्थियों को पीएचडी में नामांकन के लिए मान्यता दी गई है. वहां मेरिट लिस्ट तैयार कर राजभवन को भी भेजी जा चुकी है. इसके बावजूद पटना यूनिवर्सिटी में ऐसे अभ्यर्थियों को सूची से बाहर करना समझ से परे है.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ कहा कि अगर यूजीसी नियमों के तहत पीएचडी में नामांकन नहीं लिया गया,तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे. उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप कर न्यायपूर्ण निर्णय लेने की मांग की है.
पटना यूनिवर्सिटी में पीएचडी नामांकन को लेकर उठे इस विवाद ने छात्रों में असंतोष बढ़ा दिया है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है. क्या छात्रों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा.
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