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कानपुर रेल हादसा: बूढ़ी मां की छड़ी ने सात लोगों को बचाया

Updated at : 22 Nov 2016 8:31 AM (IST)
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कानपुर रेल हादसा: बूढ़ी मां की छड़ी ने सात लोगों को बचाया

पटना: इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में एक बूढ़ी मां की छड़ी ने मुजफ्फरपुर जिले के एक परिवार के सात सदस्यों की जान बचायी. मुजफ्फरपुर के एक व्यवसायी मनोज चौरसिया का परिवार इंदौर सेे उक्त ट्रेन की बीएस एक बोगी में सवार होकर पटना आ रहा था. चौरसिया ने बताया कि उक्त ट्रेन हादसे के बाद […]

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पटना: इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में एक बूढ़ी मां की छड़ी ने मुजफ्फरपुर जिले के एक परिवार के सात सदस्यों की जान बचायी. मुजफ्फरपुर के एक व्यवसायी मनोज चौरसिया का परिवार इंदौर सेे उक्त ट्रेन की बीएस एक बोगी में सवार होकर पटना आ रहा था. चौरसिया ने बताया कि उक्त ट्रेन हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बोगी में फंस जाने पर हमने दुर्घटना के एक घंटे बाद अपनी मां की छड़ी से बोगी की खिड़की का शीशा तोड़ा और बोगी से बाहर आ पाये. मां की छड़ी ने पूरे परिवार की जान बचा ली.

चौरसिया की बूढ़ी मां दहशत के कारण कुछ भी नहीं बोल सकीं. वह उक्त जान बचाने वाली छड़ी की मदद से चलती रही हैं. उक्त बोगी में उनके साथ सफर कर रही चौरसिया की पत्नी नंदनी ने बताया कि कोच के एटेंडेंट और कुछ अन्य यात्रियों की बोगी के भीतर ही मौत हो गयी और बचाव दल के वहां पहुंचने से पहले वे सब खिड़की का शीशा तोड़ कर बाहर निकल गये. उन्होंने कहा कि मौत उन्हें छू कर निकल गयी. इस हादसे के बाद चौरसिया का परिवार भी विशेष ट्रेन के जरिए सोमवार की सुबह 4.05 बजे पटना जंकशन पहुंचा.

पहियों से ‘आवाज’ के दावे की जांच होगी

इंदौर: दुर्घटना का शिकार होने से 12 घंटे पहले ट्रेन के पहियों की ‘असामान्य आवाज’ सुननेवाले यात्री का दावा है कि रेलवे बात की जांच करने को तैयार है. वह इस जांच में पूरा सहयोग करेगा. ट्रेन में 19 नवंबर को इंदौर से उज्जैन तक का सफर करनेवाले मंदसौर के खेरखेड़ा निवासी प्रकाश शर्मा ने दावा किया है कि रेलवे अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया है. उन्होंने रेल के उस ‘एस..2′ कोच में एक घंटा बिताया था, जो हादसे में सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त होनेवाले डिब्बों में शामिल है. मुझे कानपुर से रेलवे अधिकारी ने फोन कर कहा कि मैं ट्रेन के पहियों की असामान्य आवाज के दावे के बारे में अधिकारी के सामने बयान दर्ज कराने के लिये तैयार रहूं. मैं रेल हादसे की जांच में सहयोग के लिये अपना बयान देनेे को तैयार हूं. हालांकि, अभी मुझे सूचित नहीं किया गया है कि मेरा बयान कब और कहां लिया जायेगा.’

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