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शराबबंदी : बिहार सरकार ने हाई कोर्ट से SC में याचिकाओं के स्थानांतरण का किया अनुरोध

Updated at : 21 Nov 2016 6:02 PM (IST)
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शराबबंदी : बिहार सरकार ने हाई कोर्ट से SC में याचिकाओं के स्थानांतरण का किया अनुरोध

नयीदिल्ली : बिहार सरकार नेमंगलवारकोसुप्रीमकोर्ट से अनुरोध किया कि राज्य में हर तरह की शराब बिक्री और इसके सेवन पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को लेकर पटनाहाई कोर्ट में लंबित सारे मामले शीर्ष अदालत में स्थानांतरित किये जायें. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव राय की पीठ ने बिहार सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ […]

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नयीदिल्ली : बिहार सरकार नेमंगलवारकोसुप्रीमकोर्ट से अनुरोध किया कि राज्य में हर तरह की शराब बिक्री और इसके सेवन पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को लेकर पटनाहाई कोर्ट में लंबित सारे मामले शीर्ष अदालत में स्थानांतरित किये जायें. न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव राय की पीठ ने बिहार सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन से कहा कि इस संबंध में सही तरीके से स्थानांतरण याचिका दायर की जाये.

धवन ने पीठ से कहा कि शीर्ष अदालत ने सात अक्तूबर को राज्य में हर तरह की शराब की बिक्री और उसके सेवन पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून निरस्त करने के पटनाहाई कोर्ट के निर्णय पर रोक लगा दी थी. उन्होंने कहा कि इस समय इस मामले से संबंधित अनेक याचिकायेंहाई कोर्ट में लंबित हैं. उन्होंने इन सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने का आग्रह किया.कोर्ट ने धवन से कहा कि राज्य सरकार स्थानांतरण याचिका दायर करके इस मामले का उसके समक्ष उल्लेख कर सकती है.

पीठ ने इससे पहले कुछ शराब निर्माताओं सहित उन सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किये थे. जिनकी याचिका परहाई कोर्ट ने बिहार सरकार के शराबबंदी कानून को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था. राज्य सरकार ने बिहार में शराब की बिक्री और इसके सेवन पर पाबंदी लगाने संबंधी अधिसूचना निरस्त करने केहाई कोर्ट के 30 सितंबर के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दे रखी है.हाई कोर्ट से यह कानून निरस्त होने के बाद राज्य की नीतीश कुमार सरकार ने शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाने के लिये नया कानून लागू किया. जिसे दो अक्तूबर को गांधी जयंती के दिन अधिसूचित किया गया था.

बिहार ने अपनी याचिका मेंसुप्रीमकोर्ट सेहाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया था. जिसने शराब बंदी की पांच अप्रैल की अधिसूचना निरस्त कर दी थी. राज्य सरकार ने भारत में बनी विदेशी शराब सहित हर तरह की मदिरा की बिक्री और इसके सेवन तथा देसी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने के लिये बिहार निषेध और आबकारी कानून, 2016 अधिसूचित किया था.

हाई कोर्ट ने कठोर दंडात्मक प्रावधानों वाले इस कानून को चुनौती देने वाली शराब बिक्रेता एसोसिएशन तथा अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिकाओंं पर अपना फैसला सुनाया था. इसके तुरंत बाद, राज्य सरकार कठोर प्रावधानों के साथ शराब बंदी का नया कानून ले आयी. इसमें यह प्रावधान भी है कि बिहार में यदि किसी भी घर से प्रतिबंधित शराब पकड़ी गयी तो उस घर के सभी वयस्कों को गिरफ्तार किया जायेगा.

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