शराबबंदी के मुद्दे पर हम टूटने वाले नहीं : CM नीतीश

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Sep 2016 6:29 AM

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ग्रामीण चिकित्सकों को शराबबंदी की दिलायी शपथ पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोहराया कि शराबबंदी पर चाहे कलम की स्याही खत्म हो जाये या कलम की नीब टूट जाये, पर हम टूटनेवाले नहीं हैं. शराबबंदी लोक इच्छा पर लागू की गयी है. लोगों की भावना से अभिभूत होकर यह काम किया गया है मुख्यमंत्री […]

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ग्रामीण चिकित्सकों को शराबबंदी की दिलायी शपथ
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोहराया कि शराबबंदी पर चाहे कलम की स्याही खत्म हो जाये या कलम की नीब टूट जाये, पर हम टूटनेवाले नहीं हैं. शराबबंदी लोक इच्छा पर लागू की गयी है. लोगों की भावना से अभिभूत होकर यह काम किया गया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में ग्रामीण चिकित्सकों के शराबबंदी विषयक एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपनी बात किसी पर थोपता नहीं हूं. शराबबंदी मामले पर तो मेरी स्थिति 32 दांतों के बीच जीभ की तरह है. लिकर (शराब) लॉबी को पूरे देश में भय पैदा हो गयी है.
इसको लेकर वह जहां-तहां इनपुट दे रही है. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि दो-चार पैग के पीछे इतने बड़े अभियान को डिस्टर्ब न करें. उन्होंने कहा कि अपने सार्वजनिक जीवन में मुझे इतना संतोष कभी नहीं मिला, जितना शराबबंदी कानून लागू कर मिला है. शराब से एक्साइज विभाग को पांच हजार करोड़ की आय होती थी. यह पैसा अमृत नहीं था. अनैतिक धन था. बचपन से ही शराब के खिलाफ रहा हूं. नीतीश कुमार ने कहा, शराबबंदी के कानून की आलोचना करनेवाले इसे ड्रेकोनियन कानून बता रहे हैं, जबकि मुझसे बड़ा मानवाधिकार का हिमायती कोई नहीं है.
पूरे देश में कोई यह देख सकता है कि किस राज्य में मानवाधिकार कानूनों का सबसे अधिक पालन हो रहा है. बिहार मानवाधिकार कानून का पालन करने में सबसे ऊपर है. कानून बन गया है, तो उसका पालन होगा. कानून बना है और लोग हत्या करते हैं, तो फांसी की सजा होती है. इसी तरह से कहीं दो चार बोतल शराब मिल रही है, तो पकड़े जा रहे हैं.गोपालगंज में जहरीली शराब त्रासदी हुई. नीचे के अधिकारियों ने कहा कि जहरीली शराब से मौत नहीं हुई है. इस मामले में हस्तक्षेप कर फिर से जांच करायी गयी. मामला सामने है. किसी को गलत फंसाना संभव नहीं है. इसकी व्यवस्था की गयी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सकों का गांव स्तर पर जीवंत संबंध रहता है. ग्रामीण चिकित्सक गांव में शराबबंदी के पक्ष में जनमत तैयार करने के लिए काम करेंगे. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से यह जानकारी मिल जायेगी कि शराब को लेकर किस तरह का दुष्प्रचार किया जाता है. डाॅक्टर बतायेंगे कि शराब पीने से हर्ट ठीक नहीं रहता. आदमी अंधा हो सकता है. उन्होंने ग्रामीण चिकित्सकों से पूछा कि जो जानकारी लेकर जायेंगे, उसे लोगों के बीच बतायेंगे? साथ ही दोनों हाथों को उठवा कर ग्रामीण चिकित्सकों को शराब न पीने की शपथ दिलायी. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने के लिए शीघ्र कार्यक्रम जारी करेगा. एक बार जब प्रशिक्षण के बारे में कहा है, तो उसे पूरा करेंगे.
इस मौके पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ राजवर्धन आजाद व डाॅ सुनील कुमार सिंह, डाॅ विनय गोयल, डाॅ संदीप झा, डाॅ बीपी सिंह, डाॅ बैद्यनाथ, जदयू के वरिष्ठ नेता शैलेंद्र प्रताप ने भी ग्रामीण चिकित्सकों को संबोधित किया. मंच का संचालन डाॅ वर्षा सिंह ने किया. इस कार्यक्रम में डाॅ भावना झा ने सहयोग किया.
अगर विरोधियों को लगता है कि शराबबंदी फेल हो गयी, तो दीवाली मनाएं
किसी को अगर इसमें कोई कमी दिख रही है, तो वह अपना सुझाव दे. लेकिन, जहरीली शराब त्रासदी से या 10-20 जगह शराब पकड़े जाने से लोग आलोचना कर रहे कि शराबबंदी फेल हो गयी. अगर विरोधियों को इस तरह से लगता है कि शराबबंदी फेल हो गयी, तो वे होली और दीवाली मनाएं. कमाल की बात है. दुखी प्राणी हैं, विरोध कर रहे हैं. अब तो नया कानून लागू हो रहा है. बाहर से पीकर आनेवालों का भी ब्रेथ एनालाइजर से जांच होगी.
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