सुगबुगाहट. निगम ने सौंदर्यीकरण के लिए दिये थे डेढ़ साल पहले 1.17 करोड़ रुपये, आग लगी, तो आयुक्त ने लिखा पत्र
पटना : मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स के सौंदर्यीकरण के लिए एक वर्ष से निगम के 1.17 करोड़ रुपये बुडको के पास पड़े हैं. इसके लिए वर्ष 2014 में नगर विकास व आवास बोर्ड ने नगर निगम को लगभग चार करोड़ दिये थे. इसी राशि में से नगर निगम ने बीते वर्ष फरवरी में बुडको को 1 करोड़ 17 लाख 73 हजार रुपये मौर्यालोक कैंपस में पेवर ब्लाॅक यानी कलात्मक ईंटों को लगाने के लिए जारी किया था. लेकिन, डेढ़ साल बीतने के बाद भी बुडको ने अब तक काम पूरा नहीं किया है. एेसे में बीते गुरुवार को मौर्यालोक परिसर की दुकान में आग लगने के बाद एक बार फिर नगर निगम हरकत में आया है. नगर आयुक्त अभिषेक सिंह ने बुडको के एमडी को पत्र लिख कर काम पूरा कराने का अनुरोध किया है.
योजनाओं को पूरा करने में बुडको फेल
मौर्यालोक सौंदर्यीकरण की योजना के तहत बुडको को अलग-अलग ब्लाॅकों में काम करना था. इसमें ब्लाॅक ए, बी, सी तथा बी टू में ग्रेड ब्लाॅक की फ्लोरिंग, फीनिशिंग, वाटर प्रूफ रिपेयरिंग, बाहर व अंदर वाटर सप्लाइ, बाहरी सीवरेज आदि के काम शामिल हैं. इसके अलावा बिजली संबंधी कार्यों में पूरे मौर्यालोक में वायरिंग, केबल मरम्मत व बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था करनी थी. इसके अलावा पार्किंग की व्यवस्था, सीवरेज का काम, रास्ते में पेवर ब्लॉक भी लगाने थे. योजना 3.96 लाख की थी. लेकिन कोई भी काम अब तक ठीक से नहीं हो सका है. बुडको अपनी जिम्मेवारी नहीं निभा रहा है. अभी हालात ऐसे हैं कि मौर्यालोक की दुकानों और सरकारी कार्यालयों में जर्जर विद्युत तार, अवैध पार्किंग के चलते हर दिन जाम की स्थिति और कैंपस में अस्थायी दुकानों के अतिक्रमण से मौर्यालोक की स्थिति बेहद खराब है.
सहायता योजना भी फिस
इस वर्ष नगर निगम ने आम लोगों की सहायता के लिए मे आइ हेल्प यू सेंटर खोलना, सुरक्षा के लिए पूरे कैंपस में सीसीटीवी कैमरा लगाने और सुरक्षा के लिए पुलिस व ट्रैफिक के जवानों की तैनाती करने की योजना बनी थी.
अब तक सिर्फ इतना काम
सभी ब्लाॅक में रंग-रोगन, सभी तल्लों की फर्श पर टाइल्स लगाने और शौचालय बनाने का काम हुआ है. इसी तरह निगम ने छह जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये हैं.
पार्किंग से लगता है जाम
मौर्यालोक में अवैध पार्किंग के कारण लगभग प्रतिदिन जाम की स्थिति रहती है. कैंपस में हर दिन एक हजार से अधिक वाहन लगते हैं. लोग अवैध पार्किंग कर पूरे दिन अपने वाहन को कैंपस में छोड़ देते हैं. पार्किंग में कोई शुल्क नहीं लिया जाता, जबकि मौर्यालोक में मौर्या टावर में बनी अंडर ग्राउंड पार्किंग का प्रयोग नहीं होता है. जानकारी के अनुसार पहले मौर्यालोक परिसर में ट्रैफिक जवानों की तैनाती जाम को हटाने के लिए की गयी थी, लेकिन अब जवानों को ही हटा लिया गया है.
अगले सप्ताह होगी बैठक : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त अभिषेक सिंह बताते हैं कि हमने अपने स्तर से पूरे कैंपस का ले-आउट प्लान बना रखा है. इसमें पूरे कैंपस को वाइ-फाइ फ्री करने, ट्रैफिक की व्यवस्था को बेहतर करने, टाइटिंग की व्यवस्था करने के अलावा कैंपस के प्रमुख निकास पर गेटवे बनाने की योजना है. उन्होंने बताया कि माैर्यालोक के इन्फ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने का भी प्लान है. इसके अलावा जन संपर्क विभाग के माध्यम से मौर्यालाेक में एक बड़ा डिस्प्ले टीवी भी लगाने की योजना है, जिस पर सरकार की विकास योजनाओं के साथ विभिन्न जानकारियां प्रसारित होंगी. नगर आयुक्त ने बताया कि अगले सप्ताह पहले मौर्यालोक के दुकानदारों के साथ बैठक करेंगे. अतिक्रमण और अवैध दुकानदाराें को हटाया जायेगा. किराया भी बढ़ाने की तैयारी है. इसके बाद विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम होगा.
