नक्सल समस्या से निपटने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय में इंटर स्टेट कॉडिनेशन की बैठक जारी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Jul 2016 9:59 AM

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रांची/पटना/गया : बिहार में गया-औरंगाबाद की सीमा पर मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू होगा. इसको लेकर बुधवार को रांची स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में पांच राज्यों की संयुक्त बैठक शुरू हो गयी है. नक्सलियों से निबटने के लिए बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के सीनियर पुलिस अफसरइसबैठक में शामिलहुए […]

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रांची/पटना/गया : बिहार में गया-औरंगाबाद की सीमा पर मुठभेड़ के बाद नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू होगा. इसको लेकर बुधवार को रांची स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में पांच राज्यों की संयुक्त बैठक शुरू हो गयी है. नक्सलियों से निबटने के लिए बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल के सीनियर पुलिस अफसरइसबैठक में शामिलहुए है. बैठक में सीमा क्षेत्र पर नक्सली गतिविधियों पर रोक लगाने व ज्वाइंट ऑपरेशन चलाने को लेकर अहम फैसले लिये जायेंगे.साथ ही पुलिस खुफिया सूचना एक-दूसरे के सौंपेंगे.

इससेपहले गया-आैरंगाबाद जिलों की सीमा पर साेमवार की दोपहर से देर रात तक चली मुठभेड़ में शहीद 10 कोबरा जवानों में तीन बिहार के हैं, जबकि दो-दो पश्चिम बंगाल व यूपी के और एक-एक शहीद जवान पंजाब, मणिपुर व मध्य प्रदेश के हैं. राज्य सरकार ने सभी शहीद जवानों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. इनमें पांच-पांच लाख रुपये सैनिक कल्याण कोष और 20-20 लाख रुपये नक्सल क्षेत्र में तैनात जवानों के लिए लागू विशेष बीमा योजना के तहत दिये जायेंगे.

उधर, मुठभेड़ में मारे गये चार नक्सलियों की पहचान अंतिम रूप से नहीं हो पायी है. लेकिन, एक के बारे में शक है कि वह कुख्यात नक्सली आजाद है. वहीं, नक्सली संगठन का दावा है कि उसके तीन ही साथियों की मौत हुई. घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बातचीत की. उन्होंने घटना का पूरा ब्योरा केंद्र सरकार को दिया है.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, डीजीपी पीके ठाकुर और गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी को मंगलवार को गया जाकर स्थिति का जायजा लिया और सभी आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री की ओर से गया में शहीद जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की. मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार ने बताया कि सोमवार को डुमरी नाला इलाके में सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन और औरंगाबाद जिला पुलिस का संयुक्त सर्च अभियान चल रहा था.

अभियान में कोबरा बटालियन के 25-25 जवानों की चार टुकड़ियां और औरंगाबाद के एसपी बाबू राम के नेतृत्व में जिला पुलिस के 25 जवान शामिल थे. इसी दौरान पहले से घात लगा कर बैठे नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इसमें पांच जवान घायल भी हो गये. इनमें दो जवानों काे गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल और तीन काे पटना के एक निजी नर्सिंग होम में भरती कराया गया. सभी खतरे से बाहर हैं.

उन्होंने बताया कि मुठभेड़ देर रात तक चली. मुठभेड़ के अंत में नक्सलियों ने बड़ी संख्या में बारूदी सुरंग विस्फोट और हथगोले फेंकने शुरू कर दिये, जिसमें 10 कोबरा जवान शहीद हो गये. पहाड़ी इलाके में चढ़ाई और बेहद दुर्गम स्थान होने से शहीद जवानों के शवों को वहां से निकालने में काफी परेशानी हुई और यह काम मंगलवार की सुबह तक चला.

मंगलवार को भी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी रहा. स्थानीय पुलिस, एसटीएफ और सीआरपीएफ के अतिरिक्त जवानों को भेजा गया. एडीजी ने बताया कि मुठभेड़ में चार बड़े नक्सली नेता भी मारे गये हैं, जिनकी पहचान की जा रही है.

आइजीआइएमएस में रखे गये शहीद जवानों के शव
पटना. आठ शहीद जवानों के शवों को गया में पोस्ट मार्टम के बाद मंगलवार को पटना के आइजीआइएमएस लाया गया. यहां उनके शवों को पोस्ट मार्टम हाउस के कूलर में रखा गया. यहां से उनके शवों को उनके घर भेजा जायेगा.

आइइडी के कारण गयी जवानों की जान
मुठभेड़ के दौरान पहले तो कोबरा के जवानों ने नक्सलियों को पूरी तरह से पस्त कर दिया. जब जवानों की तरफ से थोड़ा हमला थमा, तो नक्सलियों ने पहाड़ी की ढलान पर पहले से बिछाये गये आइइडी में विस्फोट करना शुरू कर दिया. इसके साथ ही हैंड ग्रेनेड और यूबीजीएल से ताबातोड़ हमला कर दिया. आइइडी विस्फोट के कारण ही मुख्य रूप से कोबरा जवानों की जान गयी. इसके बावजूद इसके जवानों ने पूरी मुस्तैदी से मुकाबला किया और जबावी कार्रवाई करते हुए मोटर्रार से हमला किया.इसके बाद सभी नक्सली भाग खड़े हुए.

ये 10 जवान हुए शहीद, तीन बिहार के भी
– दिवाकर कुमार, ग्राम- झंझरा, थाना- पसराहा, जिला- खगड़िया
– अनिल कुमार सिंह, ग्राम- परमेश्वरपुर, थाना-नावानगर, जिला- बक्सर
– रवि कुमार, ग्राम- खोरादरा, थाना- असाव, जिला- सीवान
– दीपक घोष, ग्राम- जमरेदंगा, थाना- छबरा, जिला- नदिया (पश्चिम बंगाल)
– पोलाश मंडल, ग्राम- सलाश, थाना- टापन, जिला- दक्षिणी दिनाजपुर, (पश्चिम बंगाल)
– हरविंदर पवार, ग्राम- कटिया, थाना- ककरोली, जिला- मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)
– के. उपेन्द्र सिंह, ग्राम- हेयरोक-2, थाना+जिला- थौवाल (मणिपुर)
– मनोज कुमार, ग्राम- परमानदाल, थाना- मुलतई, जिला- बैतुल (मध्य प्रदेश)
– सिनोद कुमार, ग्राम- गौसपुर, थाना- निजा माबाद, जिला- आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश)
– रमेश कुमार, ग्राम- रनसोता, थाना- नागल बिहला, जिला- होशियारपुर (पंजाब)

ये पांच जवान हुए जख्मी
– डीएस राव, थाना- पाईक लौपट्टी, जिला- विशाखापटनम (आंध्र प्रदेश)
– मिथुन गोस्वामी, ग्राम- वासिलपुर, थाना+जिला- अरवल (बिहार) (एएनएमएमसीएच, गया में इलाजरत)

इन तीन का इलाज पटना के निजी अस्पताल में
– उदय भान सिंह, रवि शंकर यादव, पंचराम उरांव

हेलीकॉप्टर से नहीं हो पाया बचाव कार्य
जब कोबरा जवानों के घायल होने और शहीद होने की बात सामने आयी, तो सीआरपीएफ ने अपना हेलीकॉप्टर को तुरंत उस स्थान पर भेजा. लेकिन, देर शाम तक वहां के हालात सामान्य नहीं हुए थे और लगातार दोनों तरफ से गोलीबारी जारी थी. इस कारण शाम 5:30 बजे तक चक्कर काटने के बाद भी हेलीकॉप्टर वहां से जवानों को निकाल नहीं पाया. तब तक रात हो गयी, जिसके बाद हेलीकॉप्टर उपयोगी साबित नहीं हो पाते. इस कारण राहत-बचाव कार्य में काफी समय लग गया और अहले सुबह ही सभी जवानों को निकाला जा सका.

सीएम घायल जवानों से मिले, लिया हाल-चाल
पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार की देर शाम दिल्ली से लौटने पर एयरपोर्ट से सीधे रूबन मेमोरियल अस्पताल गये, जहां उन्होंने इलाजरत तीन घायल जवानों से मिल कर उनका कुशलक्षेम पूछा. उन्होंने अधिकारियों व अस्पताल प्रशासन को घायल जवानों को बेहतर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने डॉक्टर से भी उनके इलाज की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने सुरक्षा की लिहाज से अस्पताल में दंडाधिकारी और पुलिस बल भी प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया.

मौके पर सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, डीएम संजय अग्रवाल, एसएसपी मनु महाराज मौजूद थे. इससे पहले दिल्ली में उन्होंने कहा कि राज्य के नक्सलग्रस्त क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने अच्छा काम किया है. काम के दौरान ये जवान शहीद हुए हैं. बड़े पैमाने पर लैंड माइंस बिछाये गये थे. जवानों ने माकूल जवाब दिया.

मारा गया नक्सली कमांडर आजाद, पहचान जारी
औरंगाबाद जिले से सटे गया में आमस प्रखंड के डुमरी नाला इलाके में सोमवार को हुई मुठभेड़ में नक्सलियों को भी काफी क्षति पहुंची है. यह माना जा रहा है कि इस मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली कमांडर आजाद मारा गया है. हालांकि , इसकी आधिकारिक रूप से पहचान अभी की जा रही है. लेकिन शुरुआती स्तर पर जो पहचान हुई है, उससे यह बात स्पष्ट हो रही है. मंगलवार को पूरे दिन सर्च ऑपरेशन और राहत-बचाव कार्य चलता रहा. पहले तो इस दुर्गम स्थान से कोबरा फोर्स के शहीद जवानों के शवों को नि कालागया. इसके बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के चार शव मिले.

साथ ही ऐसे कई सबूत मिले हैं, जिनसे यह पता चलता है कि नक्सलियों को भी काफी बड़े स्तर पर क्षति हुई है. तीन-चार नक्सलियों के शवों को नक्सली अपने साथ लेते गये. इसके अलावा छह-सात नक्सली गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. मुठभेड़ स्थल पर चारों तरफ पेड़ों और झाड़ियों में खून के बड़े -बड़े स्पॉट मिले हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि गोली इनके कंधे पर या कमर से ऊपर लगी है.

झारखंड पुलिस से लूटी गयी थी यूबीजीएल
मुठभेड़ के दौरान तीन अत्याधुनिक हथियार भी बरामद किये गये हैं, जिनमें दो इनसास राइफलें और एक आधुनिक यूबीजीएल (हथगोला फेंकनेवाला हथियार) शामिल हैं. बरामद यूबीजीएल के बारे में पता चला है कि वह झारखंड में पुलिस से लूटा गया था. बरामद दोनों इनसास राइफलों के बारे में भी स्पष्ट है कि यह भी सुरक्षा बलों से लूटी गयी हैं.

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