Result Scam : बिहार बोर्ड के पूर्व सचिव श्रीनिवास चंद्र गिरफ्तार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 05 Jul 2016 6:16 AM
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पटना : बिहार बोर्ड के पूर्व सचिव श्रीनिवास चंद्र तिवारी को सोमवार को छह घंटे तक चली कड़ी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. मंगलवार को पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करेगी और जेल भेजा जायेगा.श्रीनिवास चंद्र तिवारी पर दो गंभीर आरोप हैं. पहला, प्रिसिंपल अनिल कुमार को गलत ढंग से बोर्ड में प्रतिनियुक्ति […]
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पटना : बिहार बोर्ड के पूर्व सचिव श्रीनिवास चंद्र तिवारी को सोमवार को छह घंटे तक चली कड़ी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. मंगलवार को पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करेगी और जेल भेजा जायेगा.श्रीनिवास चंद्र तिवारी पर दो गंभीर आरोप हैं. पहला, प्रिसिंपल अनिल कुमार को गलत ढंग से बोर्ड में प्रतिनियुक्ति कराना और दूसरा बिना मानक पूरा करनेवाले स्कूल-कॉलेजों को मान्यता दिये जानेवाली फाइलों पर हस्ताक्षर करना.
एसआइटी ने उनके खिलाफ दस्तावेज एकत्रित कर लिये हैं. इसके अलावा वैशाली के डीइओ सत्यनारायण प्रसाद को एसआइटी पटना लायी और कोर्ट में पेश कर 164 के तहत बयान दर्ज कराया. वहीं गुरुकुल विद्यापीठ काॅलेज वैशाली के प्रिसिंपल को कई घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ िदया गया. बच्चा राय के वीआर कॉलेज का सेंटर पहले गुरुकुल विद्यापीठ काॅलेज, वैशाली को बनाया गया था.
इसके बाद संकुल के लोग इस कॉलेज पर गये थे. लेकिन, बाद में यह सेंटर कैंसिल हो गया और वीआर कॉलेजका परीक्षा केंद्र जीए इंटर स्कूल बनाया गया. सेंटर बदले जाने को लेकर एसआइटी ने डीइओ, वैशाली को नोटिस किया था. जवाब नहीं मिलने पर सोमवार को उन्हें पूछताछ के लिए पटना लाया गया. वहीं, गुरुकुल के प्रिसिंपल संतोष कुमार को भी पटना लाया गया है.
प्रिसिंपल ने पूछताछ में डीइआे के सामने बताया कि मुझे नहीं पता कि सेंटर कैसे बना और कैसे चेंज हो गया. इसके लिए मुझसे किसी ने संपर्क नहीं किया है और न ही दबाव बनाया है. एसआइटी उसके बयान से संतुष्ट है और क्लीनचिट देनेवाली है. वहीं, डीइओ की मश्किलें बढ़नेवाली हैं. हालांकि, सेंटर बदले जाने में डीइओ और जिला प्रशासन दोनाें का हाथ होता है. एसआइटी इसकी जांच कर रही है.
माध्यमिक शिक्षा निदेशक भी शक के दायरे में, होगी पूछताछ
बिहार माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजीव प्रसाद सिंह रंजन ने पांच जून की रात कोतवाली में बोर्ड घोटाले का मामला दर्ज कराया था. अब पुलिस के अनुसंधान में यह बात सामने आ रही है कि स्कूलों के मान्यतावाली जो फाइल है, उस पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक के भी हस्ताक्षर हैं, क्योंकि मान्यता देनेवाली कमेटी में वह भी शामिल हैं. अब पुलिस उनसे भी पूछताछ की तैयारी में है. उनके खिलाफ सबूत मिले, तो उन पर या तो अलग से केस होगा या फिर इसी केस में पुलिस के बयान को अनुसंधान में जोड़ कर उन पर कार्रवाई की जायेगी.
टॉपर्स व परिजनों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम
एसआइटी ने एक और विशेष टीम का गठन किया है. यह टीम सिर्फ टॉपर्स और उनके परिजनों की तलाश कर रही है. टीम बिहार और उसके बाहर छापेमारी कर रही है. एसआइटी सूत्रों के मुताबिक बहुत जल्द गिरफ्तारी कर ली जायेगी. वहीं, लालकेश्वर के दामाद व प्रिंट घोटाले का आरोपित विवेक रंजन अब भी फरार है. उसके खिलाफ इश्तेहार के लिए पुलिस ने अावेदन कर दिया है. लेकिन, अब तक आदेश नहीं मिला है. इश्तेहार के बाद एसआइटी कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करेगी.
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