पटना : आ जा पुकारे, बांहे पसारे, पूरब का उपहार है /धर्मों का संगम है, कण-कण जो पावन है, ये देवों का बिहार है……. इस गीत के साथ अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में रोज पढ़ाई शुरू होगी. शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए बिहार के स्वर्णिम इतिहास को लेकर एक प्रार्थना गीत तैयार किया है. 2017 के सत्र से इस प्रार्थना गीत को बिहार गीत के साथ स्कूली बच्चों की डायरी व कॉपी में अंकित किया जायेगा. इसकी जानकारी शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने बुधवार को दी. उन्होंने बताया कि गीत लगभग तैयार है.
सरकार की योजना बच्चों में अपने राज्य के प्रति स्वाभिमान विकसित करने की है. बिहार के बच्चे अगर बाहर जाएं और उन्हें बिहारी कहा जाये, तो वह इसे सम्मान के रूप में लें, यही सरकार का मूल मकसद है. उन्होंने कहा कि प्रार्थना गीत में मिथिलांचल से विद्यापति और मां सीता के जन्म से संबंधित अंतरा को जोड़ा जाना है. इसके बाद इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत सभी मंत्रियों को सुनाया जायेगा. फिर इसे पब्लिक डोमेन, रेडियो और सोशल मीडिया में भी दिया जायेगा.
इस पर लोगों से राय और सुझाव भी मांगे जायेंगे. कोई आपत्ति और कोई सुझाव आया, तो उस पर गौर किया जायेगा. इसके लिए विभागीय कमेटी भी बनायी जायेगी, जो सुझाव व आपत्तियों पर निर्णय लेगी. सभी लोगों से सहमति मिलने के बाद इसे स्कूलों में नियमित रूप से गवाया जायेगा.
इसे बिहारी कलाकारों ने तैयार किया है. शिक्षा विभाग से मिले थीम पर इसे श्रुति नंदिता वर्मा ने तैयार किया है और इसे अमिताभ वर्मा ने गाया है. बॉलीवुड संगीतकार बापी ने संगीत दिया है.
