पटना : किराना दुकानदार राजू साव (32) की हत्या के बाद पटना पुलिस हरकत में आ गयी है. अपराधियों व प्रतिबंधित संगठनों का गढ़ बने खेमनीचक, शिवनगर में जिस तरह से इस हत्या को अंजाम दिया गया है, उससे साफ है कि हत्यारे लूट करने नहीं आये थे. उनका मकसद राजू की हत्या थी. हालांकि पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है. लेकिन, लूट व जमीन का विवाद इस हत्या का कारण बनता नहीं दिख रहा है. लेकिन, कहा जाता है कि अपराधी कुछ-न-कुछ सबूत जरूर छोड़ जाते हैं. इस मामले में भी कुछ ऐसा ही है.
पुलिस को पता चला है कि राजू साव पहले मुंबई में रहता था. वहां अपराधियों ने किसी व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया था. घटना के बाद हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था और राजू उस केस में पीड़ित के अलावा चश्मदीद गवाह था. पुलिस राजू साव के बैकग्राउंड को खंगाल रही है. राजू साव की हत्या के पीछे कारणों को लेकर तसवीर अभी पूरी तरह से साफ नहीं है. लेकिन, पिछले साल से जिस तरह से खेमनीचक इलाके में पीएलएफआइ की सक्रियता देखने को मिली है उससे इस घटना में पीएलएफआइ कनेक्शन भी ढूंढ़ा जा रहा है. खेमनीचक में रहनेवाला सन्नी कुमार और फरार चल रहा चुहवा शक के दायरे में हैं.
अपराधियों ने सीने में मारी दो गोली, दो गोली हवा में भी चलायीं : पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अपराधियों ने राजू साव को दो गोली मारी थी. दोनों गोली उसके सीने में लगी है, जबकि दो गोली हवा में चलायी गयी. घटना स्थल से दो खोखा बरामद हुआ है. मारने से पहले बाइक सवार तीनों अपराधियों से नोक-झोंक भी हुई. राजू साव को एक 14 साल की बेटी और एक 12 साल का बेटा है.
दुकान में काम करनेवाले तीनों कर्मचारियों से हुई पूछताछ : किराना दुकानदार राजू साव की दुकान में काम करनेवाले शिबू, पंडित व पप्पू से पुलिस ने पूछताछ की है. लेकिन, उन लोगाें से कुछ खास जानकारी नहीं मिली है. घटना के वक्त तीनों वहां पर मौजूद थे. उनका कहना है कि गाली-गलौज हुआ है.
इसके बाद गोली मारी गयी है. रामकृष्णा नगर पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है. पूछताछ जारी है.
पहले खेमनीचक मेन रोड पर थी किराना दुकान : बाढ़ के मूल निवासी राजू साव पिछले डेढ़ साल से खेमनीचक, शिवनगर में रह रहे थे. वह पहले खेमनीचक मेन रोड पर किराना स्टोर की दुकान चलाते था. बाद में जब उसने जमीन लेकर मकान बनवा लिया, तो अपने मकान में ही दुकान खोल लिया. ऊपर आवास है और नीचे दुकान है.
